अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भरत मातु पहिं गइ बिलखानी। का अनमनि हसि कह हँसि रानी।।
मूल पाठ
भरत मातु पहिं गइ बिलखानी। का अनमनि हसि कह हँसि रानी।।
ऊतरु देइ न लेइ उसासू। नारि चरित करि ढारइ आँसू।।
स्रोत अभिलेख 2.13 · पुस्तक पृ. 354, 354
भावार्थ
मूल पाठ के बादवह उदास होकर भरतजीकी माता कैकेयीके पास गयी। रानी कैकेयीने हँसकर कहा—तू उदास क्यों है ? मन्थरा कुछ उत्तर नहीं देती, केवल लंबी साँस ले रही है और त्रियाचरित्र करके आँसू ढरका रही है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 354 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 भरत मातु पहिं गइ बिलखानी। का अनमनि हसि कह हँसि रानी।।
English explanation
Manthara went in distress to Bharata’s mother, Kaikeyi. The queen laughingly asked, ‘Why are you downcast?’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भरत | राम के भाई भरत की | of Bharata, Rama’s brother |
| मातु | माता, कैकेयी | mother, Kaikeyi |
| पहिं | के पास | to |
| गइ | गई | went |
| बिलखानी | दुखी, व्याकुल होकर | distressed |
| का | क्यों | why |
| अनमनि | उदास, अनमनी | downcast |
| हसि | हँसकर | laughing |
| कह | कहा | said |
| हँसि | हँसकर | laughing |
| रानी | रानी कैकेयी ने | Queen Kaikeyi |
2 ऊतरु देइ न लेइ उसासू। नारि चरित करि ढारइ आँसू।।
English explanation
She gives no answer, sighs, and sheds tears while putting on what the narrator calls a woman’s wiles.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ऊतरु | उत्तर | an answer |
| देइ | देती है | gives |
| न | नहीं | not |
| लेइ | लेती है, भरती है | draws, heaves |
| उसासू | आहें | sighs |
| नारि | स्त्री की | a woman’s |
| चरित | छलपूर्ण चेष्टाएँ | wiles, affected behavior |
| करि | करके | performing |
| ढारइ | बहाती है | sheds |
| आँसू | आँसू | tears |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.13
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 354
- सहायक विषय
- सरस्वतीका मन्थराकी बुद्धि फेरना, कैकेयी-मन्थरा-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 354, 354
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