अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
करइ बिचारु कुबुद्धि कुजाती। होइ अकाजु कवनि बिधि राती।।
मूल पाठ
करइ बिचारु कुबुद्धि कुजाती। होइ अकाजु कवनि बिधि राती।।
देखि लागि मधु कुटिल किराती। जिमि गवँ तकइ लेउँ केहि भाँती।।
स्रोत अभिलेख 2.13 · पुस्तक पृ. 354, 354
भावार्थ
मूल पाठ के बादवह दुर्बुद्धि नीच जातिवाली दासी विचार करने लगी कि किस प्रकारसे यह काम रात-ही-रातमें बिगड़ जाय, जैसे कोई कुटिल भीलनी शहदका छत्ता लगा देखकर घात लगाती है कि इसको किस तरहसे उखाड़ लूँ॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 354 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 करइ बिचारु कुबुद्धि कुजाती। होइ अकाजु कवनि बिधि राती।।
English explanation
Ill-minded and wicked-natured, Manthara considered how this undertaking might be ruined overnight.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करइ | करती है | undertakes |
| बिचारु | विचार | deliberation |
| कुबुद्धि | दुर्बुद्धि वाली | ill-minded |
| कुजाती | दुष्ट स्वभाव वाली | of wicked disposition |
| होइ | हो जाए | might occur |
| अकाजु | काम का बिगाड़ | ruin of the undertaking |
| कवनि | किस | which |
| बिधि | उपाय से | by means |
| राती | रात में, रातोंरात | during the night, overnight |
2 देखि लागि मधु कुटिल किराती। जिमि गवँ तकइ लेउँ केहि भाँती।।
English explanation
She was like a crafty forest woman who, seeing honey gathered there, watches for an opportunity, thinking, ‘How shall I take it?’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | having seen |
| लागि | लगा हुआ, जमा हुआ | attached, gathered |
| मधु | शहद | honey |
| कुटिल | कपटी | crafty |
| किराती | किरात समुदाय की वनवासी स्त्री | a forest woman of the Kirata community |
| जिमि | जैसे | just as |
| गवँ | अवसर, मौका | an opportunity |
| तकइ | ताकती है | watches for |
| लेउँ | मैं ले लूँ | I might take |
| केहि | किस | what |
| भाँती | तरीके से | in what manner |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.13
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 354
- सहायक विषय
- सरस्वतीका मन्थराकी बुद्धि फेरना, कैकेयी-मन्थरा-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 354, 354
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।