अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भरत अत्रि अनुसासन पाई। जल भाजन सब दिए चलाई।।
मूल पाठ
भरत अत्रि अनुसासन पाई। जल भाजन सब दिए चलाई।।
सानुज आपु अत्रि मुनि साधू। सहित गए जहँ कूप अगाधू।।
स्रोत अभिलेख 2.31 · पुस्तक पृ. 603, 604
भावार्थ
मूल पाठ के बादभरतजीने अत्रिमुनिकी आज्ञा पाकर जलके सब पात्र रवाना कर दिये और छोटे भाई शत्रुघ्र, अत्रि मुनि तथा अन्य साधु-सन्तोंसहित आप वहाँ गये जहाँ वह अथाह कुआँ था॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 603 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 भरत अत्रि अनुसासन पाई। जल भाजन सब दिए चलाई।।
English explanation
AI draft: Having received sage Atri’s instructions, Bharata sent all the vessels of water ahead.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भरत | भरत, राम के भाई | Bharata, Rama’s brother |
| अत्रि | अत्रि मुनि की | of sage Atri |
| अनुसासन | आज्ञा | instructions |
| पाई | पाकर | having received |
| जल | जल के | of water |
| भाजन | पात्र | vessels |
| सब | सभी | all |
| दिए | दिए | had them |
| चलाई | आगे भेज | sent ahead |
2 सानुज आपु अत्रि मुनि साधू। सहित गए जहँ कूप अगाधू।।
English explanation
Bharata himself, with his younger brother, went with sage Atri and the holy men to where the deep well stood.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सानुज | छोटे भाई सहित | with his younger brother |
| आपु | स्वयं भरत | Bharata himself |
| अत्रि | अत्रि | Atri, the sage |
| मुनि | मुनि | sage |
| साधू | साधुओं | holy men |
| सहित | के साथ | together with |
| गए | गए | went |
| जहँ | जहाँ | where |
| कूप | कुआँ | the well |
| अगाधू | बहुत गहरा था | was very deep |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.31
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 603
- सहायक विषय
- भरतजीका तीर्थ-जल-स्थापन तथा चित्रकूटभ्रमण
- मुद्रित पृष्ठ
- 603, 604
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।