अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
ब्याल कराल बिहग बन घोरा। निसिचर निकर नारि नर चोरा।।
मूल पाठ
ब्याल कराल बिहग बन घोरा। निसिचर निकर नारि नर चोरा।।
डरपहिं धीर गहन सुधि आएँ। मृगलोचनि तुम्ह भीरु सुभाएँ।।
स्रोत अभिलेख 2.63 · पुस्तक पृ. 395, 396
भावार्थ
मूल पाठ के बादवनमें भीषण सर्प, भयानक पक्षी और स्त्री-पुरुषोंको चुरानेवाले राक्षसोंके झुंड-के-झुंड रहते हैं। वनकी [भयंकरता] याद आनेमात्रसे धीर पुरुष भी डर जाते हैं। फिर हे मृगलोचनि! तुम तो स्वभावसे ही डरपोक हो!॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 396 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 ब्याल कराल बिहग बन घोरा। निसिचर निकर नारि नर चोरा।।
English explanation
The forest has terrifying serpents and birds, and bands of demons who carry off women and men.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ब्याल | सर्प | serpents |
| कराल | विकराल, भयानक | terrifying |
| बिहग | पक्षी | birds |
| बन | वन में | in the forest |
| घोरा | भयंकर | fearsome |
| निसिचर | राक्षस | night-roaming demons |
| निकर | समूह, झुंड | bands, throngs |
| नारि | स्त्रियों को | women |
| नर | पुरुषों को | men |
| चोरा | हर ले जाने वाले | those who abduct |
2 डरपहिं धीर गहन सुधि आएँ। मृगलोचनि तुम्ह भीरु सुभाएँ।।
English explanation
Even the steadfast grow afraid at the thought of the dense forest; O doe-eyed one, you are timid by nature.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| डरपहिं | डरते हैं | become afraid |
| धीर | धैर्यवान लोग | steadfast people |
| गहन | घने वन की | of the dense forest |
| सुधि | याद | thought, recollection |
| आएँ | आने पर | upon arising |
| मृगलोचनि | हे मृग-जैसे नेत्रों वाली सीता | O doe-eyed Sita |
| तुम्ह | तुम | you |
| भीरु | डरने वाली | timid |
| सुभाएँ | स्वभाव से | by nature |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.63
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 396
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 395, 396
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