अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बोले मुनिबरु समय समाना। सुनहु सभासद भरत सुजाना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दश्रेष्ठ मुनि वसिष्ठजी समयोचित वचन बोले—हे सभासदो! हे सुजान भरत! सुनो। सूर्यकुलके सूर्य महाराज श्रीरामचन्द्र धर्मधुरन्धर और स्वतन्त्र भगवान् हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 555 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बोले मुनिबरु समय समाना। सुनहु सभासद भरत सुजाना।।
धरम धुरीन भानुकुल भानू। राजा रामु स्वबस भगवानू।।
स्रोत अभिलेख 2.254 · पुस्तक पृ. 555, 556
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बोले मुनिबरु समय समाना। सुनहु सभासद भरत सुजाना।।
English explanation
AI-generated draft interpretation: The eminent sage spoke as suited the occasion: Listen, assembly members and wise Bharata.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बोले | बोले | spoke |
| मुनिबरु | मुनिश्रेष्ठ वसिष्ठ | the eminent sage Vasistha |
| समय | अवसर के | the occasion |
| समाना | अनुकूल | in keeping with |
| सुनहु | सुनो | listen |
| सभासद | हे सभा के सदस्यो | O assembly members |
| भरत | हे भरत, राम के भाई | O Bharata, Rama’s brother |
| सुजाना | हे विवेकशील | O wise one |
2 धरम धुरीन भानुकुल भानू। राजा रामु स्वबस भगवानू।।
English explanation
King Rama upholds dharma, is the sun of the solar dynasty, and is the sovereign Lord.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धरम | धर्म की | of dharma |
| धुरीन | धुरी सँभालने वाले | the foremost upholder |
| भानुकुल | सूर्यवंश के | of the solar dynasty |
| भानू | सूर्य | the sun |
| राजा | राजा | King |
| रामु | राम | Rama |
| स्वबस | स्वतंत्र, अपने वश में रहने वाले | self-governed and independent |
| भगवानू | भगवान | the Lord |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.254
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 555
- सहायक विषय
- श्रीवसिष्ठजीका भाषण
- मुद्रित पृष्ठ
- 555, 556
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।