अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बेलि बिटप सब सफल सफूला। बोलत खग मृग अलि अनुकूला।।
मूल पाठ
बेलि बिटप सब सफल सफूला। बोलत खग मृग अलि अनुकूला।।
तेहि अवसर बन अधिक उछाहू। त्रिबिध समीर सुखद सब काहू।।
स्रोत अभिलेख 2.279 · पुस्तक पृ. 576, 577
भावार्थ
मूल पाठ के बादबेलें और वृक्ष सभी फल और फूलोंसे युक्त हो गये। पक्षी, पशु और भौंरे अनुकूल बोलने लगे। उस अवसरपर वनमें बहुत उत्साह (आनन्द) था, सब किसीको सुख देनेवाली शीतल, मन्द, सुगन्ध हवा चल रही थी॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 576 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बेलि बिटप सब सफल सफूला। बोलत खग मृग अलि अनुकूला।।
English explanation
All the creepers and trees bore fruit and flowers; birds, animals, and bees made pleasing sounds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बेलि | लताएँ | creepers |
| बिटप | वृक्ष | trees |
| सब | सभी | all |
| सफल | फलों से युक्त | bearing fruit |
| सफूला | फूलों से युक्त | bearing flowers |
| बोलत | स्वर कर रहे थे | were making sounds |
| खग | पक्षी | birds |
| मृग | वन्य पशु | wild animals |
| अलि | भौंरे | bees |
| अनुकूला | सुहावने ढंग से | pleasantly |
2 तेहि अवसर बन अधिक उछाहू। त्रिबिध समीर सुखद सब काहू।।
English explanation
At that time the forest was especially exuberant; the cool, gentle, fragrant breeze brought comfort to everyone.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उस | that |
| अवसर | समय | time |
| बन | वन में | in the forest |
| अधिक | अधिक | greater |
| उछाहू | उमंग | exuberance |
| त्रिबिध | तीन गुणों वाली | having three qualities |
| समीर | हवा | breeze |
| सुखद | सुख देनेवाली | comforting |
| सब | सभी | every |
| काहू | को | one, as recipient |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.279
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 576
- सहायक विषय
- जनकजीका पहुँचना, कोल-किरातादिकी भेंट, सबका परस्पर मिलाप
- मुद्रित पृष्ठ
- 576, 577
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।