अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जाइ न बरनि मनोहरताई। जनु महि करति जनक पहुनाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवनकी मनोहरता वर्णन नहीं की जा सकती, मानो पृथ्वी जनकजीकी पहुनाई कर रही है। तब जनकपुरवासी सब लोग नहा-नहाकर श्रीरामचन्द्रजी, जनकजी और मुनिकी आज्ञा पाकर, सुन्दर वृक्षोंको देख-देखकर प्रेममें भरकर जहाँ-तहाँ उतरने लगे। पवित्र, सुन्दर और अमृतके समान [स्वादिष्ट] अनेकों प्रकारके पत्ते, फल, मूल और कन्द—॥ ३-४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 577 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जाइ न बरनि मनोहरताई। जनु महि करति जनक पहुनाई।।
तब सब लोग नहाइ नहाई। राम जनक मुनि आयसु पाई।।
देखि देखि तरुबर अनुरागे। जहँ तहँ पुरजन उतरन लागे।।
दल फल मूल कंद बिधि नाना। पावन सुंदर सुधा समाना।।
स्रोत अभिलेख 2.279 · पुस्तक पृ. 576, 577
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जाइ न बरनि मनोहरताई। जनु महि करति जनक पहुनाई।।
English explanation
That loveliness cannot be described; it is as though the earth were offering hospitality to King Janaka.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाइ | किया जा सकता | can be done |
| न | नहीं | not |
| बरनि | वर्णन | described |
| मनोहरताई | मनोहरता | loveliness |
| जनु | मानो | as though |
| महि | पृथ्वी | the earth |
| करति | कर रही हो | were providing |
| जनक | राजा जनक का | to King Janaka, Sita’s father |
| पहुनाई | अतिथि-सत्कार | hospitality |
2 तब सब लोग नहाइ नहाई। राम जनक मुनि आयसु पाई।।
English explanation
Then all the people bathed and received permission from Rama, Janaka, and the sage.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | तब | then |
| सब | सभी | all |
| लोग | लोग | the people |
| नहाइ | स्नान करके | having bathed |
| नहाई | स्नान किया | bathed |
| राम | श्रीराम की | from Rama |
| जनक | राजा जनक की | from King Janaka |
| मुनि | मुनि की | from the sage |
| आयसु | आज्ञा | permission |
| पाई | प्राप्त की | received |
3 देखि देखि तरुबर अनुरागे। जहँ तहँ पुरजन उतरन लागे।।
English explanation
Delighted at the sight of fine trees, the townspeople began settling in various places.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | on seeing |
| देखि | देखकर | on seeing |
| तरुबर | सुंदर बड़े वृक्ष | fine large trees |
| अनुरागे | मोहित हुए | were delighted |
| जहँ | जहाँ | where |
| तहँ | तहाँ | there |
| पुरजन | नगरवासी | townspeople |
| उतरन | डेरा डालने | to settle or encamp |
| लागे | लगे | began |
4 दल फल मूल कंद बिधि नाना। पावन सुंदर सुधा समाना।।
English explanation
Leaves, fruits, roots, and tubers of many kinds were pure, pleasing, and like nectar.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दल | पत्ते | leaves |
| फल | फल | fruits |
| मूल | जड़ें | roots |
| कंद | कंद | tubers |
| बिधि | प्रकार के | of kinds |
| नाना | अनेक | many |
| पावन | पवित्र | pure |
| सुंदर | सुंदर | pleasing |
| सुधा | अमृत के | nectar |
| समाना | समान | like |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.279
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 577
- सहायक विषय
- जनकजीका पहुँचना, कोल-किरातादिकी भेंट, सबका परस्पर मिलाप
- मुद्रित पृष्ठ
- 576, 577
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।