अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बूढ़ु एकु कह सगुन बिचारी। भरतहि मिलिअ न होइहि रारी।।
मूल पाठ
बूढ़ु एकु कह सगुन बिचारी। भरतहि मिलिअ न होइहि रारी।।
रामहि भरतु मनावन जाहीं। सगुन कहइ अस बिग्रहु नाहीं।।
स्रोत अभिलेख 2.192 · पुस्तक पृ. 502, 503
भावार्थ
मूल पाठ के बादएक बूढ़ेने शकुन विचारकर कहा—भरतसे मिल लीजिये, उनसे लड़ाई नहीं होगी। भरत श्रीरामचन्द्रजीको मनाने जा रहे हैं। शकुन ऐसा कह रहा है कि विरोध नहीं है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 502 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बूढ़ु एकु कह सगुन बिचारी। भरतहि मिलिअ न होइहि रारी।।
English explanation
An elder considered the omen and said, “You should meet Bharata; there will be no fighting.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बूढ़ु | बूढ़ा व्यक्ति | elderly man |
| एकु | एक | one |
| कह | कहता है | says |
| सगुन | शकुन को | the omen |
| बिचारी | विचारकर | having considered |
| भरतहि | भरत से | with Bharata, Rama’s brother |
| मिलिअ | मिलना चाहिए | one should meet |
| न | नहीं | not |
| होइहि | होगी | will occur |
| रारी | लड़ाई | a fight |
2 रामहि भरतु मनावन जाहीं। सगुन कहइ अस बिग्रहु नाहीं।।
English explanation
Bharata is going to persuade Rama. The omen indicates that there will be no conflict.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रामहि | राम को | Rama |
| भरतु | भरत | Bharata, Rama’s brother |
| मनावन | मनाने के लिए | to persuade |
| जाहीं | जा रहे हैं | is going |
| सगुन | शकुन | the omen |
| कहइ | कहता है | says |
| अस | ऐसा | thus |
| बिग्रहु | युद्ध | conflict |
| नाहीं | नहीं होगा | there will be none |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.192
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 502
- सहायक विषय
- निषादकी शङ्का और सावधानी
- मुद्रित पृष्ठ
- 502, 503
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।