अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिधि हरि हरु सुरपति दिसिनाथा। बरनहिं सब दसरथ गुन गाथा।।
मूल पाठ
बिधि हरि हरु सुरपति दिसिनाथा। बरनहिं सब दसरथ गुन गाथा।।
स्रोत अभिलेख 2.173 · पुस्तक पृ. 487, 487
भावार्थ
मूल पाठ के बादब्रह्मा, विष्णु, शिव, इन्द्र और दिक्पाल सभी दशरथजीके गुणोंकी कथाएँ कहा करते हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 487 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बिधि हरि हरु सुरपति दिसिनाथा। बरनहिं सब दसरथ गुन गाथा।।
English explanation
Brahma, Vishnu, Shiva, Indra, and the guardians of the directions all recount Dasharatha's virtues.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिधि | सृष्टिकर्ता ब्रह्मा | Brahma, the creator |
| हरि | भगवान विष्णु | Lord Vishnu |
| हरु | भगवान शिव | Lord Shiva |
| सुरपति | देवताओं के राजा इंद्र | Indra, king of the gods |
| दिसिनाथा | दिशाओं के अधिपति | guardians of the directions |
| बरनहिं | वर्णन करते हैं | recount |
| सब | सभी | all |
| दसरथ | राजा दशरथ के | of King Dasharatha |
| गुन | गुणों की | virtues |
| गाथा | गाथा | account |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.173
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 487
- सहायक विषय
- वसिष्ठ-भरत-संवाद, श्रीरामजीको लानेके लिये चित्रकूट जानेकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 487, 487
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