अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिद्यमान आपुनि मिथिलेसू। मोर कहब सब भाँति भदेसू।।
मूल पाठ
बिद्यमान आपुनि मिथिलेसू। मोर कहब सब भाँति भदेसू।।
राउर राय रजायसु होई। राउरि सपथ सही सिर सोई।।
स्रोत अभिलेख 2.296 · पुस्तक पृ. 591, 591
भावार्थ
मूल पाठ के बादआपके और मिथिलेश्वर जनकजीके विद्यमान रहते मेरा कुछ कहना सब प्रकारसे भद्दा (अनुचित) है। आपकी और महाराजकी जो आज्ञा होगी, मैं आपकी शपथ करके कहता हूँ वह सत्य ही सबको शिरोधार्य होगी॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 591 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बिद्यमान आपुनि मिथिलेसू। मोर कहब सब भाँति भदेसू।।
English explanation
You yourself and Janaka, king of Mithila, are present; for me to speak would be unseemly in every way.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिद्यमान | उपस्थित हैं | are present |
| आपुनि | आप स्वयं | you yourself |
| मिथिलेसू | मिथिला के राजा जनक | Janaka, king of Mithila |
| मोर | मेरा | my |
| कहब | कहना | speaking |
| सब | सभी | every |
| भाँति | प्रकार से | in manner; in respect |
| भदेसू | अनगढ़, अशिष्ट | uncouth; unseemly |
2 राउर राय रजायसु होई। राउरि सपथ सही सिर सोई।।
English explanation
Whatever your counsel and the king’s command may be, I swear by you that I shall accept it reverently.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राउर | आपकी | your |
| राय | राय, सम्मति | counsel; considered opinion |
| रजायसु | राजा की आज्ञा | the king’s command |
| होई | हो | may be |
| राउरि | आपकी | by you; your |
| सपथ | शपथ | oath |
| सही | स्वीकार करूँगा, धारण करूँगा | I shall accept; bear |
| सिर | सिर पर | upon my head |
| सोई | उसी को | that very thing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.296
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 591
- सहायक विषय
- जनक-वसिष्ठादि-संवाद, इन्द्रकी चिन्ता, सरस्वतीका इन्द्रको समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 591, 591
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