अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तात राम जस आयसु देहू। सो सबु करै मोर मत एहू।।
मूल पाठ
तात राम जस आयसु देहू। सो सबु करै मोर मत एहू।।
सुनि रघुनाथ जोरि जुग पानी। बोले सत्य सरल मृदु बानी।।
स्रोत अभिलेख 2.296 · पुस्तक पृ. 591, 591
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[फिर बोले—] हे तात राम! मेरा मत तो यह है कि तुम जैसी आज्ञा दो, वैसी ही सब करें! यह सुनकर दोनों हाथ जोड़कर श्रीरघुनाथजी सत्य, सरल और कोमल वाणी बोले—॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 591 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तात राम जस आयसु देहू। सो सबु करै मोर मत एहू।।
English explanation
Dear Rama, let everyone do whatever you command; this is my view.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तात | हे तात, प्रिय पुत्र | dear child |
| राम | हे राम | O Rama |
| जस | जैसी | whatever kind of |
| आयसु | आज्ञा | command |
| देहू | आप दें | you give |
| सो | वही | that very thing |
| सबु | सब लोग | everyone |
| करै | करें | should do |
| मोर | मेरा | my |
| मत | मत | view |
| एहू | यही | this |
2 सुनि रघुनाथ जोरि जुग पानी। बोले सत्य सरल मृदु बानी।।
English explanation
Hearing this, Rama joined both hands and spoke words that were truthful, straightforward, and gentle.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| रघुनाथ | राम | Rama, lord of the Raghu lineage |
| जोरि | जोड़कर | having joined |
| जुग | दोनों | both |
| पानी | हाथ | hands |
| बोले | बोले | spoke |
| सत्य | सच्ची | truthful |
| सरल | सरल, निष्कपट | straightforward; sincere |
| मृदु | कोमल | gentle |
| बानी | वाणी | words; speech |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.296
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 591
- सहायक विषय
- जनक-वसिष्ठादि-संवाद, इन्द्रकी चिन्ता, सरस्वतीका इन्द्रको समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 591, 591
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।