अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिदा किए सिर नाइ सिधाए। प्रभु गुन कहत सुनत घर आए।।
मूल पाठ
बिदा किए सिर नाइ सिधाए। प्रभु गुन कहत सुनत घर आए।।
एहि बिधि सिय समेत दोउ भाई। बसहिं बिपिन सुर मुनि सुखदाई।।
स्रोत अभिलेख 2.137 · पुस्तक पृ. 457, 458
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर उनको विदा किया। वे सिर नवाकर चले और प्रभुके गुण कहते-सुनते घर आये। इस प्रकार देवता और मुनियोंको सुख देनेवाले दोनों भाई सीताजीसमेत वनमें निवास करने लगे॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 457 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बिदा किए सिर नाइ सिधाए। प्रभु गुन कहत सुनत घर आए।।
English explanation
Rama bade them farewell; they bowed their heads and departed, reaching home while recounting and hearing the Lord’s virtues.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिदा | विदा | farewell |
| किए | किया | gave |
| सिर | सिर | their heads |
| नाइ | झुकाकर | bowing |
| सिधाए | चले गए | departed |
| प्रभु | प्रभु राम के | of Lord Rama |
| गुन | गुण | virtues |
| कहत | कहते हुए | recounting |
| सुनत | सुनते हुए | listening |
| घर | घर | home |
| आए | आए | returned |
2 एहि बिधि सिय समेत दोउ भाई। बसहिं बिपिन सुर मुनि सुखदाई।।
English explanation
Thus the two brothers dwell in the forest with Sita, bringing joy to the gods and sages.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| बिधि | प्रकार | way |
| सिय | सीता | Sita |
| समेत | सहित | together with |
| दोउ | दोनों | both |
| भाई | भाई—राम और लक्ष्मण | brothers, Rama and Lakshmana |
| बसहिं | रहते हैं | dwell |
| बिपिन | वन में | in the forest |
| सुर | देवताओं को | to the gods |
| मुनि | मुनियों को | to the sages |
| सुखदाई | सुख देने वाले | bringing joy |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.137
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 457
- सहायक विषय
- चित्रकूटमें निवास, कोल-भीलोंके द्वारा सेवा
- मुद्रित पृष्ठ
- 457, 458
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।