अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिटप बेलि तृन अगनित जाती। फल प्रसून पल्लव बहु भाँती।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दअसंख्य जातिके वृक्ष, लताएँ और तृण हैं तथा बहुत तरहके फल, फूल और पत्ते हैं। सुन्दर शिलाएँ हैं। वृक्षोंकी छाया सुख देनेवाली है। वनकी शोभा किससे वर्णन की जा सकती है?॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 551 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बिटप बेलि तृन अगनित जाती। फल प्रसून पल्लव बहु भाँती।।
सुंदर सिला सुखद तरु छाहीं। जाइ बरनि बन छबि केहि पाहीं।।
स्रोत अभिलेख 2.249 · पुस्तक पृ. 551, 551
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बिटप बेलि तृन अगनित जाती। फल प्रसून पल्लव बहु भाँती।।
English explanation
There are trees, creepers, and grasses of countless kinds, with fruits, flowers, and tender leaves in many varieties.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिटप | वृक्ष | trees |
| बेलि | लताएँ | creepers |
| तृन | घास | grasses |
| अगनित | असंख्य | countless |
| जाती | जातियों के | of kinds or species |
| फल | फल | fruits |
| प्रसून | फूल | flowers |
| पल्लव | कोमल नए पत्ते | tender new leaves |
| बहु | अनेक | many |
| भाँती | प्रकार के | varieties |
2 सुंदर सिला सुखद तरु छाहीं। जाइ बरनि बन छबि केहि पाहीं।।
English explanation
There are beautiful rocks and pleasant shade beneath the trees. Who could possibly describe that forest’s beauty?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| सिला | शिलाएँ; चट्टानें | rocks |
| सुखद | सुख देने वाली | giving comfort |
| तरु | वृक्षों की | of trees |
| छाहीं | छाया | shade |
| जाइ | हो सकती है | can be |
| बरनि | वर्णित | described |
| बन | वन की | of the forest |
| छबि | शोभा | beauty |
| केहि | किसके | whose |
| पाहीं | द्वारा; सामर्थ्य में | by; within the power of |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.249
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 551
- सहायक विषय
- वनवासियोंद्वारा भरतजीकी मण्डलीका सत्कार, कैकेयीका पश्चात्ताप
- मुद्रित पृष्ठ
- 551, 551
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।