अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बामदेउ बसिष्ठ तब आए। सचिव महाजन सकल बोलाए।।
मूल पाठ
बामदेउ बसिष्ठ तब आए। सचिव महाजन सकल बोलाए।।
मुनि बहु भाँति भरत उपदेसे। कहि परमारथ बचन सुदेसे।।
स्रोत अभिलेख 2.169 · पुस्तक पृ. 483, 484
भावार्थ
मूल पाठ के बादतब वामदेवजी और वसिष्ठजी आये। उन्होंने सब मन्त्रियों तथा महाजनोंको बुलवाया। फिर मुनि वसिष्ठजीने परमार्थके सुन्दर समयानुकूल वचन कहकर बहुत प्रकारसे भरतजीको उपदेश दिया॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 484 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बामदेउ बसिष्ठ तब आए। सचिव महाजन सकल बोलाए।।
English explanation
Then the sages Vamadeva and Vasishtha arrived and summoned all the ministers and leading citizens.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बामदेउ | ऋषि वामदेव | the sage Vamadeva |
| बसिष्ठ | ऋषि वसिष्ठ; राजगुरु | Vasishtha, the royal preceptor |
| तब | तब | then |
| आए | आए | arrived |
| सचिव | मंत्री | ministers |
| महाजन | प्रतिष्ठित नागरिक | leading citizens |
| सकल | सभी | all |
| बोलाए | बुलवाए | summoned |
2 मुनि बहु भाँति भरत उपदेसे। कहि परमारथ बचन सुदेसे।।
English explanation
The sage counseled Bharata in many ways, speaking fitting, beneficial words of spiritual wisdom.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मुनि | मुनि; गुरु वसिष्ठ | the sage, Vasishtha |
| बहु | अनेक | many |
| भाँति | प्रकार से | in ways |
| भरत | भरत को | to Bharata |
| उपदेसे | उपदेश दिया; समझाया | counseled; instructed |
| कहि | कहकर | by speaking |
| परमारथ | परमार्थ के; आध्यात्मिक सत्य के | of spiritual truth |
| बचन | वचन | words |
| सुदेसे | सुंदर और हितकारी | fitting and beneficial |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.169
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 484
- सहायक विषय
- भरत-कौसल्या-संवाद और दशरथजीकी अन्त्येष्टि क्रिया
- मुद्रित पृष्ठ
- 483, 484
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