अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बहुरि कहउँ छबि जसि मन बसई। जनु मधु मदन मध्य रति लसई।।
मूल पाठ
बहुरि कहउँ छबि जसि मन बसई। जनु मधु मदन मध्य रति लसई।।
उपमा बहुरि कहउँ जियँ जोही। जनु बुध बिधु बिच रोहिनि सोही।।
स्रोत अभिलेख 2.123 · पुस्तक पृ. 445, 446
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर जैसी छबि मेरे मनमें बस रही है, उसको कहता हूँ—मानो वसन्त-ऋतु और कामदेवके बीचमें रति (कामदेवकी स्त्री) शोभित हो। फिर अपने हृदयमें खोजकर उपमा कहता हूँ कि मानो बुध (चन्द्रमाके पुत्र) और चन्द्रमाके बीचमें रोहिणी (चन्द्रमाकी स्त्री) सोह रही हो॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 445 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बहुरि कहउँ छबि जसि मन बसई। जनु मधु मदन मध्य रति लसई।।
English explanation
I describe the scene again as it dwells in my mind: as though Rati shone between Spring and the god of love.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहुरि | फिर | again |
| कहउँ | मैं कहूँ | let me describe |
| छबि | सुंदर छवि | beautiful scene |
| जसि | जैसी | as |
| मन | मेरे मन में | in my mind |
| बसई | बसती है | dwells |
| जनु | मानो | as though |
| मधु | वसंत ऋतु | Spring |
| मदन | कामदेव | the god of love |
| मध्य | बीच | between |
| रति | रति, कामदेव की पत्नी | Rati, the love god’s wife |
| लसई | शोभित होती है | shines |
2 उपमा बहुरि कहउँ जियँ जोही। जनु बुध बिधु बिच रोहिनि सोही।।
English explanation
Let me offer another comparison found in my heart: as though Rohini shone between Mercury and the Moon.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उपमा | तुलना | comparison |
| बहुरि | फिर | again |
| कहउँ | मैं कहूँ | let me tell |
| जियँ | हृदय में | in my heart |
| जोही | खोजी हुई | sought out |
| जनु | मानो | as though |
| बुध | बुध ग्रह | Mercury |
| बिधु | चंद्रमा | the Moon |
| बिच | बीच | between |
| रोहिनि | रोहिणी नक्षत्र | the star Rohini |
| सोही | शोभित हो | shone |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.123
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 445
- सहायक विषय
- यमुनाको प्रणाम, वनवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 445, 446
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।