अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
प्रभु पद रेख बीच बिच सीता। धरति चरन मग चलति सभीता।।
मूल पाठ
प्रभु पद रेख बीच बिच सीता। धरति चरन मग चलति सभीता।।
सीय राम पद अंक बराएँ। लखन चलहिं मगु दाहिन लाएँ।।
स्रोत अभिलेख 2.123 · पुस्तक पृ. 445, 446
भावार्थ
मूल पाठ के बादप्रभु श्रीरामचन्द्रजीके [जमीनपर अङ्कित होनेवाले दोनों] चरणचिह्नोंके बीच-बीचमें पैर रखती हुई सीताजी [कहीं भगवान्के चरणचिह्नोंपर पैर न टिक जाय इस बातसे] डरती हुई मार्गमें चल रही हैं, और लक्ष्मणजी [मर्यादाकी रक्षाके लिये] सीताजी और श्रीरामचन्द्रजी दोनोंके चरणचिह्नोंको बचाते हुए उन्हें दाहिने रखकर रास्ता चल रहे हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 446 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 प्रभु पद रेख बीच बिच सीता। धरति चरन मग चलति सभीता।।
English explanation
Sita walks cautiously along the path, placing her feet in the spaces between Lord Rama’s footprints.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | प्रभु राम के | Lord Rama’s |
| पद | पैरों की | of the feet |
| रेख | छापों | imprints |
| बीच | बीच | in the spaces |
| बिच | बीच में | between them |
| सीता | सीता | Sita |
| धरति | रखती हैं | places |
| चरन | पैर | her feet |
| मग | मार्ग पर | along the path |
| चलति | चलती हैं | walks |
| सभीता | डर और संकोच से सावधान | fearfully cautious |
2 सीय राम पद अंक बराएँ। लखन चलहिं मगु दाहिन लाएँ।।
English explanation
Avoiding Sita’s and Rama’s footprints, Lakshmana walks along the right side of the path.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सीय | सीता के | Sita’s |
| राम | राम के | Rama’s |
| पद | पैरों के | of the feet |
| अंक | चिह्नों को | prints |
| बराएँ | बचाते हुए | avoiding |
| लखन | लक्ष्मण | Lakshmana |
| चलहिं | चलते हैं | walks |
| मगु | मार्ग | the path |
| दाहिन | दाहिनी ओर | to the right |
| लाएँ | लेकर | taking |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.123
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 446
- सहायक विषय
- यमुनाको प्रणाम, वनवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 445, 446
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।