अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बनदेवीं बनदेव उदारा। करिहहिं सासु ससुर सम सारा।।
मूल पाठ
बनदेवीं बनदेव उदारा। करिहहिं सासु ससुर सम सारा।।
कुस किसलय साथरी सुहाई। प्रभु सँग मंजु मनोज तुराई।।
स्रोत अभिलेख 2.66 · पुस्तक पृ. 398, 398
भावार्थ
मूल पाठ के बादउदार हृदयके वनदेवी और वनदेवता ही सास-ससुरके समान मेरी सार-सँभार करेंगे, और कुशा और पत्तोंकी सुन्दर साथरी(बिछौना) ही प्रभुके साथ कामदेवकी मनोहर तोशकके समान होगी॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 398 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बनदेवीं बनदेव उदारा। करिहहिं सासु ससुर सम सारा।।
English explanation
AI draft: The kindly forest goddesses and gods will care for me like a mother-in-law and father-in-law.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बनदेवीं | वन की देवियाँ | forest goddesses |
| बनदेव | वन के देवता | forest gods |
| उदारा | उदार; कृपालु | generous; kindly |
| करिहहिं | करेंगे | will do |
| सासु | सास | mother-in-law |
| ससुर | ससुर | father-in-law |
| सम | के समान | like |
| सारा | सँभाल; देखभाल | care; tending |
2 कुस किसलय साथरी सुहाई। प्रभु सँग मंजु मनोज तुराई।।
English explanation
With my lord beside me, a lovely bedding of sacred grass and tender leaves will be like the charming couch of the god of love.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कुस | कुश घास | sacred kusha grass |
| किसलय | कोमल नए पत्ते | tender new leaves |
| साथरी | बिछौनी | bedding |
| सुहाई | सुंदर; सुहावनी | lovely; pleasing |
| प्रभु | स्वामी राम | my lord Rama |
| सँग | के साथ | with |
| मंजु | मनोहर | charming |
| मनोज | कामदेव की | of the god of love |
| तुराई | सेज; शय्या | couch; bed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.66
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 398
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 398, 398
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।