अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बड़भागी बनु अवध अभागी। जो रघुबंसतिलक तुम्ह त्यागी।।
मूल पाठ
बड़भागी बनु अवध अभागी। जो रघुबंसतिलक तुम्ह त्यागी।।
जौं सुत कहौ संग मोहि लेहू। तुम्हरे हृदयँ होइ संदेहू।।
स्रोत अभिलेख 2.56 · पुस्तक पृ. 390, 391
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे रघुवंशके तिलक! वन बड़ा भाग्यवान् है और यह अवध अभागी है, जिसे तुमने त्याग दिया। हे पुत्र! यदि मैं कहूँ कि मुझे भी साथ ले चलो तो तुम्हारे हृदयमें सन्देह होगा [कि माता इसी बहाने मुझे रोकना चाहती हैं]॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 390 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बड़भागी बनु अवध अभागी। जो रघुबंसतिलक तुम्ह त्यागी।।
English explanation
The forest is greatly fortunate, and Ayodhya unfortunate, since you, the glory of Raghu's lineage, are leaving it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बड़भागी | अत्यंत भाग्यशाली | greatly fortunate |
| बनु | वन | the forest |
| अवध | अयोध्या | Ayodhya |
| अभागी | दुर्भाग्यशाली | unfortunate |
| जो | जिसे | which |
| रघुबंसतिलक | हे रघुवंश के गौरव राम | Rama, glory of Raghu's lineage |
| तुम्ह | तुम | you |
| त्यागी | छोड़ रहे हो | are leaving |
2 जौं सुत कहौ संग मोहि लेहू। तुम्हरे हृदयँ होइ संदेहू।।
English explanation
Son, if I say, 'Take me with you,' doubt will arise in your heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| सुत | हे पुत्र | son |
| कहौ | मैं कहूँ | I say |
| संग | साथ | along |
| मोहि | मुझे | me |
| लेहू | ले चलो | take |
| तुम्हरे | तुम्हारे | your |
| हृदयँ | हृदय में | in the heart |
| होइ | होगा | will arise |
| संदेहू | संदेह | doubt |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.56
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 390
- सहायक विषय
- श्रीराम-कौसल्या-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 390, 391
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।