अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
फिरेउ निषादु प्रभुहि पहुँचाई। सचिव सहित रथ देखेसि आई।।
मूल पाठ
फिरेउ निषादु प्रभुहि पहुँचाई। सचिव सहित रथ देखेसि आई।।
मंत्री बिकल बिलोकि निषादू। कहि न जाइ जस भयउ बिषादू।।
स्रोत अभिलेख 2.142 · पुस्तक पृ. 461, 462
भावार्थ
मूल पाठ के बादप्रभु श्रीरामचन्द्रजीको पहुँचाकर जब निषादराज लौटा, तब आकर उसने रथको मन्त्री (सुमन्त्र)- सहित देखा। मन्त्रीको व्याकुल देखकर निषादको जैसा दु:ख हुआ, वह कहा नहीं जाता॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 462 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 फिरेउ निषादु प्रभुहि पहुँचाई। सचिव सहित रथ देखेसि आई।।
English explanation
After escorting Rama, the Nishada chief Guha returned and, on arriving, saw the chariot with the minister.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| फिरेउ | लौटे | returned |
| निषादु | निषादराज गुह | Guha, chief of the Nishadas |
| प्रभुहि | प्रभु राम को | Lord Rama |
| पहुँचाई | पहुँचाकर | having escorted |
| सचिव | मंत्री सुमंत्र | the minister Sumantra |
| सहित | के साथ | with |
| रथ | रथ | the chariot |
| देखेसि | उन्होंने देखा | he saw |
| आई | आकर | having arrived |
2 मंत्री बिकल बिलोकि निषादू। कहि न जाइ जस भयउ बिषादू।।
English explanation
Seeing the Nishada chief, Minister Sumantra became distraught; the grief he felt cannot be expressed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मंत्री | मंत्री सुमंत्र | Minister Sumantra |
| बिकल | व्याकुल | distraught |
| बिलोकि | देखकर | on seeing |
| निषादू | निषादराज गुह को | Guha, the Nishada chief |
| कहि | कहा | expressed |
| न | नहीं | not |
| जाइ | जा सकता | can be |
| जस | जैसा; जितना | such as; the extent of |
| भयउ | हुआ | arose; was felt |
| बिषादू | दुःख; विषाद | grief |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.142
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 462
- सहायक विषय
- चित्रकूटमें निवास, कोल-भीलोंके द्वारा सेवा
- मुद्रित पृष्ठ
- 461, 462
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।