अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
प्रभु पितु मातु सुह्रद गुर स्वामी। पूज्य परम हित अतंरजामी।।
मूल पाठ
प्रभु पितु मातु सुह्रद गुर स्वामी। पूज्य परम हित अतंरजामी।।
सरल सुसाहिबु सील निधानू। प्रनतपाल सर्बग्य सुजानू।।
स्रोत अभिलेख 2.298 · पुस्तक पृ. 592, 593
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे प्रभु! आप पिता, माता, सुहृद् (मित्र), गुरु, स्वामी, पूज्य, परम हितैषी और अन्तर्यामी हैं। सरलहृदय, श्रेष्ठ मालिक, शीलके भण्डार, शरणागतकी रक्षा करनेवाले, सर्वज्ञ, सुजान,॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 592 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 प्रभु पितु मातु सुह्रद गुर स्वामी। पूज्य परम हित अतंरजामी।।
English explanation
You are lord, father, mother, friend, teacher, and master—supremely worthy of reverence, the greatest well-wisher, and knower of hearts.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | प्रभु; यहाँ श्रीराम | lord; here, Rama |
| पितु | पिता | father |
| मातु | माता | mother |
| सुह्रद | मित्र, हितैषी | friend, well-wisher |
| गुर | गुरु | teacher, spiritual guide |
| स्वामी | स्वामी | master |
| पूज्य | पूजा और आदर के योग्य | worthy of worship and reverence |
| परम | सर्वोच्च, अत्यंत | supreme, utmost |
| हित | हितैषी | well-wisher |
| अतंरजामी | अंतर की बात जानने वाले | knower of what lies within |
2 सरल सुसाहिबु सील निधानू। प्रनतपाल सर्बग्य सुजानू।।
English explanation
You are straightforward, an excellent master, a treasury of noble conduct, protector of those who bow to you, all-knowing and wise.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सरल | सरल, निष्कपट | straightforward, guileless |
| सुसाहिबु | उत्तम स्वामी | excellent master |
| सील | शील, सदाचरण | noble character, good conduct |
| निधानू | भंडार, निधि | treasury, repository |
| प्रनतपाल | नत या शरणागत जनों के पालक | protector of those who bow or seek refuge |
| सर्बग्य | सब कुछ जानने वाले | all-knowing |
| सुजानू | बुद्धिमान, भलीभाँति जानने वाले | wise, discerning |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.298
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 592
- सहायक विषय
- श्रीराम-भरत-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 592, 593
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।