अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पूजनीय प्रिय परम जहाँ तें। सब मानिअहिं राम के नातें।।
मूल पाठ
पूजनीय प्रिय परम जहाँ तें। सब मानिअहिं राम के नातें।।
अस जियँ जानि संग बन जाहू। लेहु तात जग जीवन लाहू।।
स्रोत अभिलेख 2.74 · पुस्तक पृ. 404, 405
भावार्थ
मूल पाठ के बादजगत्में जहाँतक पूजनीय और परम प्रिय लोग हैं, वे सब रामजीके नातेसे ही [पूजनीय और परम प्रिय] मानने योग्य हैं। हृदयमें ऐसा जानकर, हे तात! उनके साथ वन जाओ और जगत्में जीनेका लाभ उठाओ!॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 405 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 पूजनीय प्रिय परम जहाँ तें। सब मानिअहिं राम के नातें।।
English explanation
Whoever is worthy of reverence and deeply dear should be esteemed because of their relationship with Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पूजनीय | पूजा या आदर के योग्य | worthy of reverence |
| प्रिय | प्रिय | dear |
| परम | अत्यंत | supremely |
| जहाँ | जहाँ भी; जो भी | wherever; whoever |
| तें | से; ‘जहाँ तें’ में व्यापकता का भाव | from; extends the scope of ‘wherever’ |
| सब | सभी को | all |
| मानिअहिं | मानना या सम्मान देना चाहिए | should be esteemed |
| राम | श्रीराम | Rama |
| के | के | with |
| नातें | संबंध के कारण | because of the relationship |
2 अस जियँ जानि संग बन जाहू। लेहु तात जग जीवन लाहू।।
English explanation
Knowing this in your heart, go with them to the forest; dear son, gain the true benefit of life in this world.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | thus |
| जियँ | हृदय में | in your heart |
| जानि | जानकर | knowing |
| संग | उनके साथ | with them |
| बन | वन को | to the forest |
| जाहू | जाओ | go |
| लेहु | प्राप्त करो | obtain |
| तात | हे बेटा | dear son |
| जग | संसार में | in the world |
| जीवन | जीवन का | of life |
| लाहू | लाभ | benefit |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.74
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 405
- सहायक विषय
- श्रीलक्ष्मण-सुमित्रा-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 404, 405
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।