अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पुनि कह कटु कठोर कैकेई। मनहुँ घाय महुँ माहुर देई।।
मूल पाठ
पुनि कह कटु कठोर कैकेई। मनहुँ घाय महुँ माहुर देई।।
जौं अंतहुँ अस करतबु रहेऊ। मागु मागु तुम्ह केहिं बल कहेऊ।।
स्रोत अभिलेख 2.35 · पुस्तक पृ. 372, 373
भावार्थ
मूल पाठ के बादकैकेयी फिर कड़वे और कठोर वचन बोली, मानो घावमें जहर भर रही हो। [कहती है—] जो अन्तमें ऐसा ही करना था, तो आपने 'माँग, माँग किस बलपर कहा था॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 373 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 पुनि कह कटु कठोर कैकेई। मनहुँ घाय महुँ माहुर देई।।
English explanation
Then Kaikeyi speaks bitter, harsh words, as though putting poison into a wound.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | then again |
| कह | कहती हैं | says |
| कटु | कड़वी बातें | bitter words |
| कठोर | कठोर | harsh |
| कैकेई | दशरथ की रानी कैकेयी | Kaikeyi, Dasharatha’s queen |
| मनहुँ | मानो | as though |
| घाय | घाव | a wound |
| महुँ | में | into |
| माहुर | विष | poison |
| देई | डालती हों | were putting |
2 जौं अंतहुँ अस करतबु रहेऊ। मागु मागु तुम्ह केहिं बल कहेऊ।।
English explanation
If this was how you were to act in the end, on what confidence did you say, ‘Ask, ask’?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| अंतहुँ | अंत में भी | even in the end |
| अस | ऐसा | such |
| करतबु | आचरण | conduct |
| रहेऊ | होना था | was to be |
| मागु | माँगो | ask |
| मागु | माँगो | ask |
| तुम्ह | तुमने | you |
| केहिं | किस | what |
| बल | बल या भरोसे पर | strength or confidence |
| कहेऊ | कहा था | did say |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.35
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 373
- सहायक विषय
- दशरथ-कैकेयी-संवाद और दशरथ-शोक, सुमन्त्रका महलमें जाना और वहाँसे लौटकर श्रीरामजीको महलमें भेजना
- मुद्रित पृष्ठ
- 372, 373
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।