अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दुइ कि होइ एक समय भुआला। हँसब ठठाइ फुलाउब गाला।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे राजा! ठहाका मारकर हँसना और गाल फुलाना—क्या ये दोनों एक साथ हो सकते हैं? दानी भी कहाना और कंजूसी भी करना। क्या रजपूतीमें क्षेम-कुशल भी रह सकती है? (लड़ाईमें बहादुरी भी दिखावें और कहीं चोट भी न लगे!)॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 373 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
दुइ कि होइ एक समय भुआला। हँसब ठठाइ फुलाउब गाला।।
दानि कहाउब अरु कृपनाई। होइ कि खेम कुसल रौताई।।
स्रोत अभिलेख 2.35 · पुस्तक पृ. 372, 373
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 दुइ कि होइ एक समय भुआला। हँसब ठठाइ फुलाउब गाला।।
English explanation
O king, can both happen at the same time—laughing heartily and puffing out your cheeks in a sulk?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दुइ | दोनों बातें | both things |
| कि | क्या | can / whether |
| होइ | हो सकती हैं | happen |
| एक | एक ही | the same |
| समय | समय में | at a time |
| भुआला | हे राजा | O king |
| हँसब | हँसना | laughing |
| ठठाइ | ठहाका लगाकर | with a hearty laugh |
| फुलाउब | फुलाना | puffing out |
| गाला | गाल | the cheeks |
2 दानि कहाउब अरु कृपनाई। होइ कि खेम कुसल रौताई।।
English explanation
Can being called generous go together with miserliness? Can valor be practiced while remaining safe and comfortable?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दानि | दाता | a generous giver |
| कहाउब | कहलाना | being called |
| अरु | और | and |
| कृपनाई | कंजूसी करना | being miserly |
| होइ | हो सकती है | can occur |
| कि | क्या | whether |
| खेम | सुरक्षा | security |
| कुसल | सुख-चैन | ease and well-being |
| रौताई | वीरता | valor |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.35
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 373
- सहायक विषय
- दशरथ-कैकेयी-संवाद और दशरथ-शोक, सुमन्त्रका महलमें जाना और वहाँसे लौटकर श्रीरामजीको महलमें भेजना
- मुद्रित पृष्ठ
- 372, 373
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।