अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
छाड़हु बचनु कि धीरजु धरहू। जनि अबला जिमि करुना करहू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दया तो वचन (प्रतिज्ञा)ही छोड़ दीजिये या धैर्य धारण कीजिये। यों असहाय स्त्रीकी भाँति रोइये-पीटिये नहीं। सत्यव्रतीके लिये तो शरीर, स्त्री, पुत्र, घर, धन और पृथ्वी—सब तिनकेके बराबर कहे गये हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 373 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
छाड़हु बचनु कि धीरजु धरहू। जनि अबला जिमि करुना करहू।।
तनु तिय तनय धामु धनु धरनी। सत्यसंध कहुँ तृन सम बरनी।।
स्रोत अभिलेख 2.35 · पुस्तक पृ. 372, 373
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 छाड़हु बचनु कि धीरजु धरहू। जनि अबला जिमि करुना करहू।।
English explanation
Either abandon your promise or remain steadfast; do not lament like a powerless woman.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| छाड़हु | छोड़ दो | abandon |
| बचनु | अपना वचन | your promise |
| कि | या | or |
| धीरजु | धैर्य | fortitude |
| धरहू | धारण करो | maintain |
| जनि | मत | do not |
| अबला | असहाय स्त्री | a powerless woman |
| जिमि | की तरह | like |
| करुना | करुण विलाप | piteous lamentation |
| करहू | करो | make |
2 तनु तिय तनय धामु धनु धरनी। सत्यसंध कहुँ तृन सम बरनी।।
English explanation
Body, wife, son, home, wealth, and land are described as mere straw to one steadfast in keeping his word.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तनु | शरीर | body |
| तिय | पत्नी | wife |
| तनय | पुत्र | son |
| धामु | घर | home |
| धनु | धन | wealth |
| धरनी | भूमि | land |
| सत्यसंध | सत्यप्रतिज्ञ व्यक्ति | one steadfast in his pledged word |
| कहुँ | के लिए | for |
| तृन | तिनका | straw |
| सम | के समान | like |
| बरनी | कहे गए हैं | are described |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.35
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 373
- सहायक विषय
- दशरथ-कैकेयी-संवाद और दशरथ-शोक, सुमन्त्रका महलमें जाना और वहाँसे लौटकर श्रीरामजीको महलमें भेजना
- मुद्रित पृष्ठ
- 372, 373
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।