अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पारबती सम पतिप्रिय होहू। देबि न हम पर छाड़ब छोहू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दऔर पार्वतीजीके समान अपने पतिकी प्यारी होओ। हे देवि! हमपर कृपा न छोडऩा (बनाये रखना)। हम बार-बार हाथ जोड़कर विनती करती हैं जिसमें आप फिर इसी रास्ते लौटें,॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 441 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
पारबती सम पतिप्रिय होहू। देबि न हम पर छाड़ब छोहू।।
पुनि पुनि बिनय करिअ कर जोरी। जौं एहि मारग फिरिअ बहोरी।।
स्रोत अभिलेख 2.118 · पुस्तक पृ. 441, 442
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 पारबती सम पतिप्रिय होहू। देबि न हम पर छाड़ब छोहू।।
English explanation
AI-draft meaning: May you be dear to your husband like Parvati. Lady, do not cease to show us affection.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पारबती | पार्वती, शिव की पत्नी | Parvati, Shiva’s wife |
| सम | के समान | like |
| पतिप्रिय | पति की प्रिय | dear to your husband |
| होहू | हों | may you be |
| देबि | हे देवी | O lady |
| न | नहीं; मत | not; do not |
| हम | हम लोगों | us |
| पर | पर | toward |
| छाड़ब | छोड़िए | give up |
| छोहू | स्नेह | affection |
2 पुनि पुनि बिनय करिअ कर जोरी। जौं एहि मारग फिरिअ बहोरी।।
English explanation
With folded hands they repeatedly plead: If you return by this same route,
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | again |
| पुनि | फिर | again |
| बिनय | विनती | a plea |
| करिअ | करती हैं | they make |
| कर | हाथ | hands |
| जोरी | जोड़कर | having folded |
| जौं | यदि | if |
| एहि | इस | this |
| मारग | मार्ग से | by the route |
| फिरिअ | आप लौटें | you return |
| बहोरी | फिर | again |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.118
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 441
- सहायक विषय
- यमुनाको प्रणाम, वनवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 441, 442
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।