अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
परनकुटी प्रिय प्रियतम संगा। प्रिय परिवारु कुरंग बिहंगा।।
मूल पाठ
परनकुटी प्रिय प्रियतम संगा। प्रिय परिवारु कुरंग बिहंगा।।
सासु ससुर सम मुनितिय मुनिबर। असनु अमिअ सम कंद मूल फर।।
स्रोत अभिलेख 2.14 · पुस्तक पृ. 460, 460
भावार्थ
मूल पाठ के बादप्रियतम (श्रीरामचन्द्रजी) के साथ पर्णकुटी प्यारी लगती है। मृग और पक्षी प्यारे कुटुम्बियोंके समान लगते हैं। मुनियोंकी स्त्रियाँ सासके समान, श्रेष्ठ मुनि ससुरके समान और कन्द-मूल-फलोंका आहार उनको अमृतके समान लगता है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 460 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 परनकुटी प्रिय प्रियतम संगा। प्रिय परिवारु कुरंग बिहंगा।।
English explanation
With her beloved beside her, the leaf hut is dear to her; the deer and birds are her dear family.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| परनकुटी | पत्तों की कुटिया | a leaf hut |
| प्रिय | प्यारी | dear |
| प्रियतम | प्रियतम राम के | her beloved Rama |
| संगा | साथ | in company with |
| प्रिय | प्यारा | dear |
| परिवारु | परिवार | family |
| कुरंग | हिरन | deer |
| बिहंगा | पक्षी | birds |
2 सासु ससुर सम मुनितिय मुनिबर। असनु अमिअ सम कंद मूल फर।।
English explanation
The sages’ wives and the eminent sages are like her mother-in-law and father-in-law; her food of tubers, roots, and fruits is like nectar.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सासु | सास | mother-in-law |
| ससुर | ससुर | father-in-law |
| सम | के समान | like |
| मुनितिय | मुनियों की पत्नियाँ | the sages’ wives |
| मुनिबर | श्रेष्ठ मुनि | eminent sages |
| असनु | भोजन | food |
| अमिअ | अमृत | nectar |
| सम | के समान | like |
| कंद | कंद | tubers |
| मूल | जड़ें | roots |
| फर | फल | fruits |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.14
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 460
- सहायक विषय
- चित्रकूटमें निवास, कोल-भीलोंके द्वारा सेवा
- मुद्रित पृष्ठ
- 460, 460
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।