अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पछिले पहर भूपु नित जागा। आजु हमहि बड़ अचरजु लागा।।
मूल पाठ
पछिले पहर भूपु नित जागा। आजु हमहि बड़ अचरजु लागा।।
जाहु सुमंत्र जगावहु जाई। कीजिअ काजु रजायसु पाई।।
स्रोत अभिलेख 2.38 · पुस्तक पृ. 375, 376
भावार्थ
मूल पाठ के बादराजा नित्य ही रातके पिछले पहर जाग जाया करते हैं, किन्तु आज हमें बड़ा आश्चर्य हो रहा है। हे सुमन्त्र! जाओ, जाकर राजाको जगाओ। उनकी आज्ञा पाकर हम सब काम करें॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 375 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 पछिले पहर भूपु नित जागा। आजु हमहि बड़ अचरजु लागा।।
English explanation
AI draft: The king ordinarily awoke in the last watch of the night; today we are greatly surprised.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पछिले | अंतिम | last |
| पहर | रात का पहर | watch of the night |
| भूपु | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| नित | प्रतिदिन | daily |
| जागा | जाग जाते थे | would awaken |
| आजु | आज | today |
| हमहि | हमें | to us |
| बड़ | बड़ा | great |
| अचरजु | आश्चर्य | surprise |
| लागा | हो रहा है | is felt |
2 जाहु सुमंत्र जगावहु जाई। कीजिअ काजु रजायसु पाई।।
English explanation
Sumantra, go and awaken the king; let the work proceed after receiving his command.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाहु | जाइए | go |
| सुमंत्र | हे मंत्री सुमंत्र | Sumantra, the minister, addressed |
| जगावहु | जगाइए | awaken him |
| जाई | जाकर | having gone |
| कीजिअ | किया जाए | let it be done |
| काजु | कार्य | the work |
| रजायसु | राजा की आज्ञा | the king's command |
| पाई | प्राप्त करके | after receiving |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.38
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 375
- सहायक विषय
- दशरथ-कैकेयी-संवाद और दशरथ-शोक, सुमन्त्रका महलमें जाना और वहाँसे लौटकर श्रीरामजीको महलमें भेजना
- मुद्रित पृष्ठ
- 375, 376
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।