अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गए सुमंत्रु तब राउर माही। देखि भयावन जात डेराहीं।।
मूल पाठ
गए सुमंत्रु तब राउर माही। देखि भयावन जात डेराहीं।।
धाइ खाइ जनु जाइ न हेरा। मानहुँ बिपति बिषाद बसेरा।।
स्रोत अभिलेख 2.38 · पुस्तक पृ. 375, 376
भावार्थ
मूल पाठ के बादतब सुमन्त्र रावले (राजमहल)में गये, पर महलको भयानक देखकर वे जाते हुए डर रहे हैं। [ऐसा लगता है] मानो दौड़कर काट खायेगा, उसकी ओर देखा भी नहीं जाता। मानो विपत्ति और विषादने वहाँ डेरा डाल रखा हो॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 375 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 गए सुमंत्रु तब राउर माही। देखि भयावन जात डेराहीं।।
English explanation
Then Sumantra entered the royal palace; seeing its frightening appearance, he grew afraid as he went.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गए | गए | went |
| सुमंत्रु | मंत्री सुमंत्र | Sumantra, the minister |
| तब | तब | then |
| राउर | राजमहल | royal palace |
| माही | के भीतर | inside |
| देखि | देखकर | seeing |
| भयावन | भयावह | frightening |
| जात | जाते हुए | while going |
| डेराहीं | डरने लगे | grew afraid |
2 धाइ खाइ जनु जाइ न हेरा। मानहुँ बिपति बिषाद बसेरा।।
English explanation
The palace seemed to rush forward to devour him and could scarcely be looked at, as though it were the dwelling of calamity and sorrow.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धाइ | दौड़कर | rushing forward |
| खाइ | खा जाए | would devour |
| जनु | मानो | as though |
| जाइ | सकता है | can be |
| न | नहीं | not |
| हेरा | देखा | looked at |
| मानहुँ | मानो | as though |
| बिपति | विपत्ति | calamity |
| बिषाद | विषाद | sorrow |
| बसेरा | निवास-स्थान | dwelling place |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.38
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 375
- सहायक विषय
- दशरथ-कैकेयी-संवाद और दशरथ-शोक, सुमन्त्रका महलमें जाना और वहाँसे लौटकर श्रीरामजीको महलमें भेजना
- मुद्रित पृष्ठ
- 375, 376
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।