अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नाथ कुसल पद पंकज देखें। भयउँ भागभाजन जन लेखें।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दनिषादराजने उत्तर दिया—हे नाथ! आपके चरणकमलके दर्शनसे ही कुशल है [आपके चरणारविन्दोंके दर्शनकर] आज मैं भाग्यवान् पुरुषोंकी गिनतीमें आ गया। हे देव! यह पृथ्वी,धन और घर सब आपका है। मैं तो परिवारसहित आपका नीच सेवक हूँ॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 416 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
नाथ कुसल पद पंकज देखें। भयउँ भागभाजन जन लेखें।।
देव धरनि धनु धामु तुम्हारा। मैं जनु नीचु सहित परिवारा।।
स्रोत अभिलेख 2.88 · पुस्तक पृ. 416, 416
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 नाथ कुसल पद पंकज देखें। भयउँ भागभाजन जन लेखें।।
English explanation
Guha said, “Lord, seeing your lotus feet has brought me well-being; by being counted as your servant, I have become truly fortunate.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाथ | हे स्वामी | O Lord |
| कुसल | कुशल हूँ | I am well |
| पद | चरण | feet |
| पंकज | कमल | lotuses |
| देखें | दर्शन करने से | by seeing |
| भयउँ | मैं हो गया | I have become |
| भागभाजन | सौभाग्य का पात्र | a recipient of good fortune |
| जन | आपका सेवक | your servant |
| लेखें | माने जाने से | by being counted as |
2 देव धरनि धनु धामु तुम्हारा। मैं जनु नीचु सहित परिवारा।।
English explanation
“Lord, the land, wealth, and dwelling are yours; together with my family, I am your lowly servant.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देव | हे प्रभु | O Lord |
| धरनि | भूमि | land |
| धनु | धन | wealth |
| धामु | घर; निवास | home; dwelling |
| तुम्हारा | आपका | yours |
| मैं | मैं | I |
| जनु | सेवक | servant |
| नीचु | नीच; निम्न समझा जाने वाला | lowly; considered low-born |
| सहित | साथ | together with |
| परिवारा | परिवार | my family |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.88
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 416
- सहायक विषय
- श्रीरामका शृङ्गवेरपुर पहुँचना, निषादके द्वारा सेवा
- मुद्रित पृष्ठ
- 416, 416
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।