अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कृपा करिअ पुर धारिअ पाऊ। थापिय जनु सबु लोगु सिहाऊ।।
मूल पाठ
कृपा करिअ पुर धारिअ पाऊ। थापिय जनु सबु लोगु सिहाऊ।।
कहेहु सत्य सबु सखा सुजाना। मोहि दीन्ह पितु आयसु आना।।
स्रोत अभिलेख 2.88 · पुस्तक पृ. 416, 416
भावार्थ
मूल पाठ के बादअब कृपा करके पुर (शृंगवेरपुर)-में पधारिये और इस दासकी प्रतिष्ठा बढ़ाइये, जिससे सब लोग मेरे भाग्यकी बड़ाई करें। श्रीरामचन्द्रजीने कहा—हे सुजान सखा! तुमने जो कुछ कहा सब सत्य है। परन्तु पिताजीने मुझको और ही आज्ञा दी है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 416 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कृपा करिअ पुर धारिअ पाऊ। थापिय जनु सबु लोगु सिहाऊ।।
English explanation
“Please graciously set foot in my town; honor your servant, so that everyone may admire his good fortune.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कृपा | कृपा | kindness |
| करिअ | कीजिए | please show |
| पुर | नगर में | in the town |
| धारिअ | रखिए | please place |
| पाऊ | चरण | your feet |
| थापिय | प्रतिष्ठित कीजिए | please honor |
| जनु | अपने सेवक को | your servant |
| सबु | सभी | all |
| लोगु | लोग | people |
| सिहाऊ | सौभाग्य की सराहना करें | may admire his good fortune |
2 कहेहु सत्य सबु सखा सुजाना। मोहि दीन्ह पितु आयसु आना।।
English explanation
Rama said, “Wise friend, all you have said is true; but my father has given me a different command.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहेहु | तुमने कहा | you have said |
| सत्य | सत्य | true |
| सबु | सब | everything |
| सखा | हे मित्र | O friend |
| सुजाना | समझदार | wise |
| मोहि | मुझे | to me |
| दीन्ह | दी | gave |
| पितु | पिता ने | my father |
| आयसु | आज्ञा | a command |
| आना | दूसरी; भिन्न | different |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.88
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 416
- सहायक विषय
- श्रीरामका शृङ्गवेरपुर पहुँचना, निषादके द्वारा सेवा
- मुद्रित पृष्ठ
- 416, 416
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।