अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
धन्य भूमि बन पंथ पहारा। जहँ जहँ नाथ पाउ तुम्ह धारा।।
मूल पाठ
धन्य भूमि बन पंथ पहारा। जहँ जहँ नाथ पाउ तुम्ह धारा।।
धन्य बिहग मृग काननचारी। सफल जनम भए तुम्हहि निहारी।।
स्रोत अभिलेख 2.136 · पुस्तक पृ. 456, 457
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे नाथ! जहाँ-जहाँ आपने अपने चरण रखे हैं, वे पृथ्वी, वन, मार्ग और पहाड़ धन्य हैं, वे वनमें विचरनेवाले पक्षी और पशु धन्य हैं, जो आपको देखकर सफलजन्म हो गये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 456 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 धन्य भूमि बन पंथ पहारा। जहँ जहँ नाथ पाउ तुम्ह धारा।।
English explanation
AI draft: Lord, blessed are the lands, forests, paths, and mountains wherever you have set foot.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धन्य | धन्य; सौभाग्यशाली | blessed |
| भूमि | धरती | land |
| बन | वन | forests |
| पंथ | मार्ग | paths |
| पहारा | पहाड़ | mountains |
| जहँ | जहाँ | wherever |
| जहँ | जहाँ; प्रत्येक ऐसे स्थान पर | wherever; at every such place |
| नाथ | हे स्वामी राम | O Lord Rama |
| पाउ | पैर; चरण | foot |
| तुम्ह | आपने | you |
| धारा | रखा | set down |
2 धन्य बिहग मृग काननचारी। सफल जनम भए तुम्हहि निहारी।।
English explanation
Blessed are the forest-dwelling birds and animals; their lives have been fulfilled by seeing you.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धन्य | धन्य | blessed |
| बिहग | पक्षी | birds |
| मृग | वन्य पशु | wild animals |
| काननचारी | वन में विचरने वाले | forest-dwelling |
| सफल | सार्थक | fulfilled |
| जनम | जन्म; जीवन | births; lives |
| भए | हो गए | have become |
| तुम्हहि | आपको | you |
| निहारी | देखकर | having seen |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.136
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 456
- सहायक विषय
- चित्रकूटमें निवास, कोल-भीलोंके द्वारा सेवा
- मुद्रित पृष्ठ
- 456, 457
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।