अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दोउ बर कूल कठिन हठ धारा। भवँर कूबरी बचन प्रचारा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्ददोनों वरदान उस नदीके दो किनारे हैं, कैकेयीका कठिन हठ ही उसकी [तीव्र] धारा है और कुबरी (मन्थरा)-के वचनोंकी पे्ररणा ही भँवर है। [वह क्रोधरूपी नदी] राजा दशरथरूपी वृक्षको जड़-मूलसे ढहाती हुई विपत्तिरूपी समुद्रकी ओर [सीधी] चली है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 372 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
दोउ बर कूल कठिन हठ धारा। भवँर कूबरी बचन प्रचारा।।
ढाहत भूपरूप तरु मूला। चली बिपति बारिधि अनुकूला।।
स्रोत अभिलेख 2.34 · पुस्तक पृ. 372, 372
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 दोउ बर कूल कठिन हठ धारा। भवँर कूबरी बचन प्रचारा।।
English explanation
The two boons are its banks, stubborn insistence its current, and the spreading influence of the hunchback Manthara's words its whirlpools.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दोउ | दोनों | both |
| बर | वरदान | boons |
| कूल | नदी के किनारे | riverbanks |
| कठिन | कठोर | unyielding |
| हठ | हठ | obstinacy |
| धारा | जलधारा | current |
| भवँर | भँवर | whirlpools |
| कूबरी | कुबड़ी मंथरा के | of the hunchback Manthara |
| बचन | वचनों का | of the words |
| प्रचारा | फैलाव या प्रभाव | spread or influence |
2 ढाहत भूपरूप तरु मूला। चली बिपति बारिधि अनुकूला।।
English explanation
Uprooting the tree that is the king, it flowed onward toward the ocean of calamity.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ढाहत | ढहाती हुई | bringing down |
| भूपरूप | राजा के रूप में | in the form of the king |
| तरु | वृक्ष | tree |
| मूला | जड़ से | at its roots |
| चली | बह चली | flowed onward |
| बिपति | विपत्तिरूपी | of calamity |
| बारिधि | समुद्र | ocean |
| अनुकूला | की ओर जाती हुई | directed toward |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.34
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 372
- सहायक विषय
- दशरथ-कैकेयी-संवाद और दशरथ-शोक, सुमन्त्रका महलमें जाना और वहाँसे लौटकर श्रीरामजीको महलमें भेजना
- मुद्रित पृष्ठ
- 372, 372
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।