अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देखु देवपति भरत प्रभाऊ। सहज सुभायँ बिबस रघुराऊ।।
मूल पाठ
देखु देवपति भरत प्रभाऊ। सहज सुभायँ बिबस रघुराऊ।।
मन थिर करहु देव डरु नाहीं। भरतहि जानि राम परिछाहीं।।
स्रोत अभिलेख 2.266 · पुस्तक पृ. 565, 566
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे देवराज! भरतजीका प्रभाव तो देखो। श्रीरघुनाथजी सहज स्वभावसे ही उनके पूर्णरूपसे वशमें हैं। हे देवताओ! भरतजीको श्रीरामचन्द्रजीकी परछाईं (परछाईंकी भाँति उनका अनुसरण करनेवाला) जानकर मन स्थिर करो, डरकी बात नहीं है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 565 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 देखु देवपति भरत प्रभाऊ। सहज सुभायँ बिबस रघुराऊ।।
English explanation
O king of the gods, behold Bharata’s influence: Rama is captivated by his natural disposition.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखु | देखो | behold |
| देवपति | हे देवताओं के राजा इंद्र | O Indra, king of the gods |
| भरत | भरत का | Bharata’s |
| प्रभाऊ | प्रभाव | influence |
| सहज | सहज; स्वाभाविक | natural; innate |
| सुभायँ | स्वभाव से | through his disposition |
| बिबस | वश में | captivated |
| रघुराऊ | रघुकुल के राजा राम | Rama, king of Raghu’s lineage |
2 मन थिर करहु देव डरु नाहीं। भरतहि जानि राम परिछाहीं।।
English explanation
O lord of the gods, steady your mind, recognizing Bharata as Rama’s very shadow; there is no cause for fear.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मन | मन को | the mind |
| थिर | स्थिर | steady |
| करहु | करो | make |
| देव | हे देवराज | O lord of the gods |
| डरु | भय | fear |
| नाहीं | नहीं है | there is none |
| भरतहि | भरत को | Bharata |
| जानि | जानकर | recognizing |
| राम | राम की | Rama’s |
| परिछाहीं | परछाईं | shadow |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.266
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 565
- सहायक विषय
- श्रीराम-भरतादिका संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 565, 566
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