अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देखि सुभाउ कहत सबु कोई। राम मातु अस काहे न होई।।
मूल पाठ
देखि सुभाउ कहत सबु कोई। राम मातु अस काहे न होई।।
माताँ भरतु गोद बैठारे। आँसु पौंछि मृदु बचन उचारे।।
स्रोत अभिलेख 2.165 · पुस्तक पृ. 480, 481
भावार्थ
मूल पाठ के बादकौसल्याजीका स्वभाव देखकर सब कोई कह रहे हैं—श्रीरामकी माताका ऐसा स्वभाव क्यों न हो। माताने भरतजीको गोदमें बैठा लिया और उनके आँसू पोंछकर कोमल वचन बोलीं—॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 480 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 देखि सुभाउ कहत सबु कोई। राम मातु अस काहे न होई।।
English explanation
Seeing her disposition, everyone says, ‘Why would Rama’s mother not be like this!’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | seeing |
| सुभाउ | स्वभाव | disposition |
| कहत | कहते हैं | say |
| सबु | सब | every |
| कोई | व्यक्ति | person |
| राम | राम की | Rama’s |
| मातु | माता | mother |
| अस | ऐसी | like this |
| काहे | क्यों | why |
| न | न | not |
| होई | हों | would be |
2 माताँ भरतु गोद बैठारे। आँसु पौंछि मृदु बचन उचारे।।
English explanation
The mother seated Bharata in her lap, wiped away his tears, and spoke gentle words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| माताँ | माता ने | the mother |
| भरतु | भरत को | Bharata, Rama’s brother |
| गोद | गोद में | in her lap |
| बैठारे | बैठाया | seated |
| आँसु | आँसू | tears |
| पौंछि | पोंछकर | having wiped away |
| मृदु | कोमल | gentle |
| बचन | वचन | words |
| उचारे | कहे | spoke |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.165
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 480
- सहायक विषय
- भरत-कौसल्या-संवाद और दशरथजीकी अन्त्येष्टि क्रिया
- मुद्रित पृष्ठ
- 480, 481
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