अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अजहुँ बच्छ बलि धीरज धरहू। कुसमउ समुझि सोक परिहरहू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे वत्स! मैं बलैया लेती हूँ। तुम अब भी धीरज धरो। बुरा समय जानकर शोक त्याग दो। काल और कर्मकी गति अमिट जानकर हृदयमें हानि और ग्लानि मत मानो॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 480 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
अजहुँ बच्छ बलि धीरज धरहू। कुसमउ समुझि सोक परिहरहू।।
जनि मानहु हियँ हानि गलानी। काल करम गति अघटित जानि।।
स्रोत अभिलेख 2.165 · पुस्तक पृ. 480, 481
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 अजहुँ बच्छ बलि धीरज धरहू। कुसमउ समुझि सोक परिहरहू।।
English explanation
‘My child, I am devoted to you; even now, hold firm. Recognize this as an adverse time and let go of grief.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अजहुँ | अब भी | even now |
| बच्छ | हे पुत्र | dear child |
| बलि | मैं न्योछावर हूँ | I am devoted to you |
| धीरज | धैर्य | patience; fortitude |
| धरहू | धारण करो | maintain |
| कुसमउ | बुरा समय | an adverse time |
| समुझि | समझकर | recognizing |
| सोक | शोक | grief |
| परिहरहू | त्याग दो | give up |
2 जनि मानहु हियँ हानि गलानी। काल करम गति अघटित जानि।।
English explanation
‘Knowing the course of time and deeds to be beyond imagining, do not harbor distress over loss or self-reproach in your heart.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जनि | मत | do not |
| मानहु | मानो; अनुभव करो | feel; harbor |
| हियँ | हृदय में | in your heart |
| हानि | हानि का दुःख | distress over loss |
| गलानी | ग्लानि; आत्म-संताप | self-reproach; distress |
| काल | काल की | of time |
| करम | कर्म की | of deeds and their consequences |
| गति | गति; कार्य-प्रक्रिया | course; workings |
| अघटित | अकल्पनीय; समझ से परे | beyond imagining or comprehension |
| जानि | जानकर | knowing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.165
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 480
- सहायक विषय
- भरत-कौसल्या-संवाद और दशरथजीकी अन्त्येष्टि क्रिया
- मुद्रित पृष्ठ
- 480, 481
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।