अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देखि प्रीति सुनि बिनय सुहाई। मिलेउ बहोरि भरत लघु भाई।।
मूल पाठ
देखि प्रीति सुनि बिनय सुहाई। मिलेउ बहोरि भरत लघु भाई।।
कहि निषाद निज नाम सुबानीं। सादर सकल जोहारीं रानीं।।
स्रोत अभिलेख 2.196 · पुस्तक पृ. 505, 506
भावार्थ
मूल पाठ के बादनिषादराजकी प्रीतिको देखकर और सुन्दर विनय सुनकर फिर भरतजीके छोटे भाई शत्रुघ्नजी उससे मिले। फिर निषादने अपना नाम ले-लेकर सुन्दर (नम्र और मधुर) वाणीसे सब रानियोंको आदरपूर्वक जोहार की॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 506 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 देखि प्रीति सुनि बिनय सुहाई। मिलेउ बहोरि भरत लघु भाई।।
English explanation
Seeing the Nishada's love and hearing his gracious supplication, Bharata's younger brother Shatrughna then met him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | having seen |
| प्रीति | प्रेम | love |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| बिनय | विनम्र निवेदन | humble supplication |
| सुहाई | सुंदर; मनभावनी | gracious; pleasing |
| मिलेउ | मिले | met him |
| बहोरि | फिर | then; again |
| भरत | भरत के | Bharata's |
| लघु | छोटे | younger |
| भाई | भाई शत्रुघ्न | brother Shatrughna |
2 कहि निषाद निज नाम सुबानीं। सादर सकल जोहारीं रानीं।।
English explanation
The Nishada stated his name in gracious speech and respectfully bowed to all the queens.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहि | कहकर | having stated |
| निषाद | निषादराज गुह ने | Guha, the Nishada chief |
| निज | अपना | his own |
| नाम | नाम | name |
| सुबानीं | सुंदर वाणी में | in gracious speech |
| सादर | आदर सहित | respectfully |
| सकल | सभी | all |
| जोहारीं | प्रणाम किया | bowed to |
| रानीं | रानियों को | the queens |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.196
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 506
- सहायक विषय
- भरत-निषाद-मिलन और संवाद एवं भरतजीका तथा नगरवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 505, 506
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।