अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तेहि फल कर फलु दरस तुम्हारा। सहित पयाग सुभाग हमारा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[सीता-लक्ष्मणसहित श्रीरामदर्शनरूप] उस महान् फलका परम फल यह तुम्हारा दर्शन है। प्रयागराजसमेत हमारा बड़ा भाग्य है। हे भरत! तुम धन्य हो, तुमने अपने यशसे जगत्को जीत लिया है। ऐसा कहकर मुनि प्रेममें मग्र हो गये॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 518 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तेहि फल कर फलु दरस तुम्हारा। सहित पयाग सुभाग हमारा।।
भरत धन्य तुम्ह जसु जगु जयऊ। कहि अस पेम मगन पुनि भयऊ।।
स्रोत अभिलेख 2.21 · पुस्तक पृ. 517, 518
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 तेहि फल कर फलु दरस तुम्हारा। सहित पयाग सुभाग हमारा।।
English explanation
The further fruit of that reward is beholding you; this is good fortune for me and for Prayaga as well.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उस | that |
| फल | फल; दर्शन से मिले लाभ | fruit; reward of that encounter |
| कर | का | of |
| फलु | फल; आगे का लाभ | fruit; further reward |
| दरस | दर्शन | beholding |
| तुम्हारा | तुम्हारा | you; your |
| सहित | समेत; साथ | together with; including |
| पयाग | प्रयाग तीर्थ | Prayaga, the sacred confluence |
| सुभाग | सौभाग्य | good fortune |
| हमारा | हमारा | ours |
2 भरत धन्य तुम्ह जसु जगु जयऊ। कहि अस पेम मगन पुनि भयऊ।।
English explanation
Bharata, blessed are you; your renown has won over the world. Saying this, the sage again became absorbed in love.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भरत | हे भरत | O Bharata |
| धन्य | धन्य; प्रशंसा के योग्य | blessed; worthy of praise |
| तुम्ह | तुम | you |
| जसु | तुम्हारा यश | your renown |
| जगु | संसार को | the world |
| जयऊ | जीत लिया | has won over |
| कहि | कहकर | having said |
| अस | ऐसा | this |
| पेम | प्रेम में | in love |
| मगन | मग्न; डूबे हुए | absorbed |
| पुनि | फिर | again |
| भयऊ | हो गए | became |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.21
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 518
- सहायक विषय
- भरतजीका प्रयाग जाना और भरत-भरद्वाज-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 517, 518
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।