अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तेल नाँव भरि नृप तनु राखा। दूत बोलाइ बहुरि अस भाषा।।
मूल पाठ
तेल नाँव भरि नृप तनु राखा। दूत बोलाइ बहुरि अस भाषा।।
धावहु बेगि भरत पहिं जाहू। नृप सुधि कतहुँ कहहु जनि काहू।।
स्रोत अभिलेख 2.157 · पुस्तक पृ. 473, 474
भावार्थ
मूल पाठ के बादवसिष्ठजीने नावमें तेल भरवाकर राजाके शरीरको उसमें रखवा दिया। फिर दूतोंको बुलवाकर उनसे ऐसा कहा—तुमलोग जल्दी दौड़कर भरतके पास जाओ। राजाकी मृत्युका समाचार कहीं किसीसे न कहना॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 473 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 तेल नाँव भरि नृप तनु राखा। दूत बोलाइ बहुरि अस भाषा।।
English explanation
AI draft: A boat was filled with oil and King Dasharatha’s body placed in it. Then the sage summoned the messengers and spoke as follows.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेल | तेल | oil |
| नाँव | नाव में | in a boat |
| भरि | भरकर | having filled |
| नृप | राजा दशरथ का | King Dasharatha’s |
| तनु | शरीर | body |
| राखा | रखा | placed |
| दूत | दूतों को | the messengers |
| बोलाइ | बुलाकर | having summoned |
| बहुरि | फिर | then |
| अस | इस प्रकार | thus |
| भाषा | कहा | spoke |
2 धावहु बेगि भरत पहिं जाहू। नृप सुधि कतहुँ कहहु जनि काहू।।
English explanation
Hurry and go to Bharata. Do not tell anyone anywhere the news concerning the king.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धावहु | दौड़ो | hurry; run |
| बेगि | शीघ्र | quickly |
| भरत | भरत, राम के भाई | Bharata, Rama’s brother |
| पहिं | के पास | to |
| जाहू | जाओ | go |
| नृप | राजा दशरथ की | of King Dasharatha |
| सुधि | खबर | news |
| कतहुँ | कहीं भी | anywhere |
| कहहु | कहना | tell |
| जनि | मत | do not |
| काहू | किसी को | to anyone |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.157
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 473
- सहायक विषय
- मुनि वसिष्ठका भरतजीको बुलानेके लिये दूत भेजना
- मुद्रित पृष्ठ
- 473, 474
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।