अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तुम्ह सब कहहु कढ़ावन टीका। राय रजायसु सब कहँ नीका।।
मूल पाठ
तुम्ह सब कहहु कढ़ावन टीका। राय रजायसु सब कहँ नीका।।
उतरु देउँ केहि बिधि केहि केही। कहहु सुखेन जथा रुचि जेही।।
स्रोत अभिलेख 2.181 · पुस्तक पृ. 493, 494
भावार्थ
मूल पाठ के बादआप सब लोग भी मुझे टीका कढ़ानेके लिये कह रहे हैं! राजाकी आज्ञा सभीके लिये अच्छी है। मैं किस-किसको किस-किस प्रकारसे उत्तर दूँ? जिसकी जैसी रुचि हो, आपलोग सुखपूर्वक वही कहें॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 493 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तुम्ह सब कहहु कढ़ावन टीका। राय रजायसु सब कहँ नीका।।
English explanation
You all propose having me crowned; the king’s command seems good to everyone.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुम्ह | आप | you |
| सब | सब | all |
| कहहु | कहते हैं | say; propose |
| कढ़ावन | करवाने को | to have performed |
| टीका | राजतिलक | coronation |
| राय | राजा का | the king’s |
| रजायसु | राजकीय आदेश | royal command |
| सब | सबको | everyone |
| कहँ | को | to |
| नीका | अच्छा | good; agreeable |
2 उतरु देउँ केहि बिधि केहि केही। कहहु सुखेन जथा रुचि जेही।।
English explanation
How should I answer, and what should I say to whom? Speak freely, each according to your inclination.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उतरु | उत्तर | answer |
| देउँ | मैं दूँ | should I give |
| केहि | किस | what |
| बिधि | रीति से | manner; way |
| केहि | किसको | to whom |
| केही | क्या | what |
| कहहु | कहिए | speak |
| सुखेन | सहजता से; निःसंकोच | freely; at ease |
| जथा | जैसी | according to |
| रुचि | इच्छा; अभिरुचि | inclination |
| जेही | जिसकी; जिसे | each person’s; whoever |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.181
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 493
- सहायक विषय
- वसिष्ठ-भरत-संवाद, श्रीरामजीको लानेके लिये चित्रकूट जानेकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 493, 494
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