अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तुम्ह बिनु दुखी सुखी तुम्ह तेहीं। तुम्ह जानहु जिय जो जेहि केहीं।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दतुम्हारे बिना ही सब दुखी हैं और जो सुखी हैं वे तुम्हींसे सुखी हैं। जिस किसीके जीमें जो कुछ है तुम सब जानते हो। आपकी आज्ञा सभीके सिरपर है। कृपालु (आप) को सभीकी स्थिति अच्छी तरह मालूम है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 587 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तुम्ह बिनु दुखी सुखी तुम्ह तेहीं। तुम्ह जानहु जिय जो जेहि केहीं।।
राउर आयसु सिर सबही कें। बिदित कृपालहि गति सब नीकें।।
स्रोत अभिलेख 2.291 · पुस्तक पृ. 587, 587
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 तुम्ह बिनु दुखी सुखी तुम्ह तेहीं। तुम्ह जानहु जिय जो जेहि केहीं।।
English explanation
Without you there is sorrow, and through you alone there is happiness. You know whatever lies in each person’s heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुम्ह | आपके | you |
| बिनु | बिना | without |
| दुखी | दुःखी | unhappy |
| सुखी | सुखी | happy |
| तुम्ह | आप | you |
| तेहीं | से ही | through alone |
| तुम्ह | आप | you |
| जानहु | जानते हैं | know |
| जिय | हृदय में | in the heart |
| जो | जो कुछ | whatever |
| जेहि | जिस | whichever person |
| केहीं | के | of |
2 राउर आयसु सिर सबही कें। बिदित कृपालहि गति सब नीकें।।
English explanation
Your command rests upon everyone’s head; you, the compassionate one, know everyone’s condition thoroughly.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राउर | आपकी | your |
| आयसु | आज्ञा | command |
| सिर | सिर पर | upon the head |
| सबही | सभी | everyone |
| कें | के | of |
| बिदित | ज्ञात | known |
| कृपालहि | कृपालु आपको | to you, the compassionate one |
| गति | दशा | condition |
| सब | सबकी | everyone’s |
| नीकें | भली-भाँति | thoroughly |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.291
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 587
- सहायक विषय
- जनक-वसिष्ठादि-संवाद, इन्द्रकी चिन्ता, सरस्वतीका इन्द्रको समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 587, 587
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।