अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तिन्ह महँ जिन्ह देखे दोउ भ्राता। अपर तिन्हहि पूँछहि मगु जाता।।
मूल पाठ
तिन्ह महँ जिन्ह देखे दोउ भ्राता। अपर तिन्हहि पूँछहि मगु जाता।।
कहत सुनत रघुबीर निकाई। आइ सबन्हि देखे रघुराई।।
स्रोत अभिलेख 2.135 · पुस्तक पृ. 456, 456
भावार्थ
मूल पाठ के बादउनमेंसे जो दोनों भाइयोंको [पहले] देख चुके थे, उनसे दूसरे लोग रास्तेमें जाते हुए पूछते हैं। इस प्रकार श्रीरामचन्द्रजीकी सुन्दरता कहते-सुनते सबने आकर श्रीरघुनाथजीके दर्शन किये॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 456 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तिन्ह महँ जिन्ह देखे दोउ भ्राता। अपर तिन्हहि पूँछहि मगु जाता।।
English explanation
Among them, the others asked those who had seen the two brothers for the way to reach them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तिन्ह | उन लोगों | those people |
| महँ | में | among |
| जिन्ह | जिन लोगों ने | those who |
| देखे | देखा था | had seen |
| दोउ | दोनों | both |
| भ्राता | भाई, राम और लक्ष्मण | brothers, Rama and Lakshmana |
| अपर | अन्य लोग | the others |
| तिन्हहि | उन्हीं से | those very people |
| पूँछहि | पूछते हैं | ask |
| मगु | मार्ग | the path |
| जाता | वहाँ जाने वाला | leading there |
2 कहत सुनत रघुबीर निकाई। आइ सबन्हि देखे रघुराई।।
English explanation
Speaking and hearing of Rama’s beauty, they all arrived and beheld him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहत | कहते हुए | speaking of |
| सुनत | सुनते हुए | hearing of |
| रघुबीर | रघुवंश के वीर राम की | of Rama, hero of Raghu’s lineage |
| निकाई | सुंदरता | beauty |
| आइ | आकर | having arrived |
| सबन्हि | सबने | everyone |
| देखे | देखा | beheld |
| रघुराई | रघुवंश के राजा राम को | Rama, king of Raghu’s lineage |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.135
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 456
- सहायक विषय
- चित्रकूटमें निवास, कोल-भीलोंके द्वारा सेवा
- मुद्रित पृष्ठ
- 456, 456
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