अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तात भरत अस काहे न कहहू। प्रान समान राम प्रिय अहहू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे तात भरत! आप ऐसा क्यों न कहें। श्रीरामजीको आप प्राणोंके समान प्यारे हैं। जो नीच अपनी मूर्खतासे आपकी माता कैकेयीकी कुटिलताको लेकर आपपर सन्देह करेगा,॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 496 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तात भरत अस काहे न कहहू। प्रान समान राम प्रिय अहहू।।
जो पावँरु अपनी जड़ताई। तुम्हहि सुगाइ मातु कुटिलाई।।
स्रोत अभिलेख 2.184 · पुस्तक पृ. 495, 496
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तात भरत अस काहे न कहहू। प्रान समान राम प्रिय अहहू।।
English explanation
Dear Bharata, why would you not speak so? You are as dear to Rama as his own life.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तात | प्रिय पुत्र; प्रिय जन | dear child; dear one |
| भरत | हे भरत | Bharata |
| अस | ऐसा | so; thus |
| काहे | क्यों | why |
| न | नहीं | not |
| कहहू | तुम कहो | would you say |
| प्रान | प्राणों के | one’s own life |
| समान | समान | as dear as |
| राम | राम को | to Rama |
| प्रिय | प्रिय | dear |
| अहहू | तुम हो | you are |
2 जो पावँरु अपनी जड़ताई। तुम्हहि सुगाइ मातु कुटिलाई।।
English explanation
Whoever, in his own stupidity, basely implicates you in your mother’s deceit—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जो | जो कोई | whoever |
| पावँरु | नीच व्यक्ति | a base person |
| अपनी | अपनी | his own |
| जड़ताई | मूर्खता से | through stupidity |
| तुम्हहि | तुम्हें | you |
| सुगाइ | सहभागी ठहराता है | implicates as a participant |
| मातु | माता की | your mother’s |
| कुटिलाई | कुटिलता में | in deceit |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.184
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 496
- सहायक विषय
- वसिष्ठ-भरत-संवाद, श्रीरामजीको लानेके लिये चित्रकूट जानेकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 495, 496
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।