अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तात तुम्हारि मोरि परिजन की। चिंता गुरहि नृपहि घर बन की।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे तात! तुम्हारी, मेरी, परिवारकी, घरकी और वनकी सारी चिन्ता गुरु वसिष्ठजी और महाराज जनकजीको है। हमारे सिरपर जब गुरुजी, मुनि विश्वामित्रजी और मिथिलापति जनकजी हैं, तब हमें और तुम्हें स्वप्नमें भी क्लेश नहीं है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 607 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तात तुम्हारि मोरि परिजन की। चिंता गुरहि नृपहि घर बन की।।
माथे पर गुर मुनि मिथिलेसू। हमहि तुम्हहि सपनेहुँ न कलेसू।।
स्रोत अभिलेख 2.315 · पुस्तक पृ. 607, 608
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 तात तुम्हारि मोरि परिजन की। चिंता गुरहि नृपहि घर बन की।।
English explanation
Dear brother, the guru and the king are concerned for you, me, our relatives, and affairs at home and in the forest.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तात | प्रिय भाई | dear brother |
| तुम्हारि | तुम्हारी | your |
| मोरि | मेरी | my |
| परिजन | परिजनों | relatives |
| की | की | of |
| चिंता | चिंता | concern |
| गुरहि | गुरु को | to the guru |
| नृपहि | राजा को | to the king |
| घर | घर | home |
| बन | वन | forest |
| की | की | concerning |
2 माथे पर गुर मुनि मिथिलेसू। हमहि तुम्हहि सपनेहुँ न कलेसू।।
English explanation
With the guru, the sage, and the king of Mithila watching over us, neither you nor I will suffer distress even in a dream.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| माथे | सिर के ऊपर | over our heads |
| पर | पर | upon |
| गुर | गुरु | the spiritual preceptor |
| मुनि | मुनि | the sage |
| मिथिलेसू | मिथिला के राजा जनक | Janaka, king of Mithila |
| हमहि | हमें | to us / me |
| तुम्हहि | तुम्हें | to you |
| सपनेहुँ | स्वप्न में भी | even in a dream |
| न | नहीं | not |
| कलेसू | क्लेश | distress |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.315
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 607
- सहायक विषय
- श्रीराम-भरत-संवाद,पादुका-प्रदान, भरतजीकी विदाई
- मुद्रित पृष्ठ
- 607, 608
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।