अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तहँउँ तुम्हार अलप अपराधू। कहै सो अधम अयान असाधू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउसमें भी तुम्हारा कोई तनिक-सा भी अपराध कहे, तो वह अधम, अज्ञानी और असाधु है। यदि तुम राज्य करते तो भी तुम्हें दोष न होता। सुनकर श्रीरामचन्द्रजीको भी सन्तोष ही होता॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 515 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तहँउँ तुम्हार अलप अपराधू। कहै सो अधम अयान असाधू।।
करतेहु राजु त तुम्हहि न दोषू। रामहि होत सुनत संतोषू।।
स्रोत अभिलेख 2.207 · पुस्तक पृ. 515, 515
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तहँउँ तुम्हार अलप अपराधू। कहै सो अधम अयान असाधू।।
English explanation
Anyone who attributes even the slightest fault to you in that affair is base, ignorant, and unrighteous.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तहँउँ | उस प्रसंग में भी | even in that affair |
| तुम्हार | तुम्हारा | your |
| अलप | थोड़ा-सा | the slightest |
| अपराधू | अपराध; दोष | fault; wrongdoing |
| कहै | कहता है; बताता है | asserts; attributes |
| सो | वह व्यक्ति | that person |
| अधम | नीच | base |
| अयान | नासमझ | ignorant |
| असाधू | असज्जन; दुष्ट | unrighteous; wicked |
2 करतेहु राजु त तुम्हहि न दोषू। रामहि होत सुनत संतोषू।।
English explanation
Even if you ruled, no blame would attach to you; Rama would be pleased to hear of it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करतेहु | तुम करते भी; यदि करते | even if you exercised |
| राजु | राज्य; शासन | rule; kingship |
| त | तो | then |
| तुम्हहि | तुम्हें | to you |
| न | नहीं | no; not |
| दोषू | दोष | blame |
| रामहि | राम को | to Rama |
| होत | होता | would arise |
| सुनत | सुनकर | upon hearing |
| संतोषू | संतोष; प्रसन्नता | satisfaction; pleasure |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.207
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 515
- सहायक विषय
- भरतजीका प्रयाग जाना और भरत-भरद्वाज-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 515, 515
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