अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तब केवट ऊँचें चढ़ि धाई। कहेउ भरत सन भुजा उठाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दतब केवट दौड़कर ऊँचे चढ़ गया और भुजा उठाकर भरतजीसे कहने लगा—हे नाथ! ये जो पाकर, जामुन, आम और तमालके विशाल वृक्ष दिखायी देते हैं,॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 540 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तब केवट ऊँचें चढ़ि धाई। कहेउ भरत सन भुजा उठाई।।
नाथ देखिअहिं बिटप बिसाला। पाकरि जंबु रसाल तमाला।।
स्रोत अभिलेख 2.237 · पुस्तक पृ. 541, 541
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तब केवट ऊँचें चढ़ि धाई। कहेउ भरत सन भुजा उठाई।।
English explanation
AI-generated interpretation draft: Then the Nishada chief hurried up to a high spot and, raising his arm, spoke to Bharata.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | तब | then |
| केवट | निषादराज गुह | Guha, the Nishada chief |
| ऊँचें | ऊँचे स्थान पर | to a high spot |
| चढ़ि | चढ़कर | having climbed |
| धाई | दौड़कर | hurrying |
| कहेउ | कहा | said |
| भरत | राम के भाई भरत | Bharata, Rama’s brother |
| सन | से | to |
| भुजा | बाँह | arm |
| उठाई | उठाकर | raising |
2 नाथ देखिअहिं बिटप बिसाला। पाकरि जंबु रसाल तमाला।।
English explanation
My lord, look at those great trees—pakar fig, jamun, mango, and tamala.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाथ | हे स्वामी | my lord |
| देखिअहिं | देखिए | please look |
| बिटप | वृक्ष | trees |
| बिसाला | विशाल | large |
| पाकरि | पाकड़ के वृक्ष | pakar fig trees |
| जंबु | जामुन के वृक्ष | jamun trees |
| रसाल | आम के वृक्ष | mango trees |
| तमाला | तमाल के वृक्ष | tamala trees |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.237
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 540
- सहायक विषय
- भरतजीका मन्दाकिनी-स्नान, चित्रकूटमें पहुँचना, भरतादि सबका परस्पर मिलाप, पिताका शोक और श्राद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 541, 541
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।