अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तन मन बचन उमग अनुरागा। धीर धुरंधर धीरजु त्यागा।।
मूल पाठ
तन मन बचन उमग अनुरागा। धीर धुरंधर धीरजु त्यागा।।
बारिज लोचन मोचत बारी। देखि दसा सुर सभा दुखारी।।
स्रोत अभिलेख 2.317 · पुस्तक पृ. 609, 609
भावार्थ
मूल पाठ के बादतन, मन और वचन तीनोंमें प्रेम उमड़ पड़ा। धीरजकी धुरीको धारण करनेवाले श्रीरघुनाथजीने भी धीरज त्याग दिया। वे कमलसदृश नेत्रोंसे [प्रेमाश्रुओंका] जल बहाने लगे। उनकी यह दशा देखकर देवताओंकी सभा (समाज) दु:खी हो गयी॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 609 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तन मन बचन उमग अनुरागा। धीर धुरंधर धीरजु त्यागा।।
English explanation
AI draft: Love surged through body, mind, and speech; Rama, a supreme bearer of fortitude, relinquished his composure.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तन | शरीर में | in the body |
| मन | मन में | in the mind |
| बचन | वाणी में | in speech |
| उमग | उमड़ पड़ा | surged |
| अनुरागा | प्रेम | affection |
| धीर | धैर्यवान | steadfast |
| धुरंधर | श्रेष्ठ धारणकर्ता | pre-eminent bearer |
| धीरजु | धैर्य | composure |
| त्यागा | छोड़ दिया | relinquished |
2 बारिज लोचन मोचत बारी। देखि दसा सुर सभा दुखारी।।
English explanation
AI draft: Rama’s lotus-like eyes shed tears; seeing his condition, the assembly of gods grew sorrowful.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बारिज | कमल-जैसे | lotus-like |
| लोचन | नेत्र | eyes |
| मोचत | छोड़ रहे; बहा रहे | shedding |
| बारी | जल; आँसू | water; tears |
| देखि | देखकर | seeing |
| दसा | अवस्था | condition |
| सुर | देवताओं की | of the gods |
| सभा | सभा | assembly |
| दुखारी | दुखी हुई | became sorrowful |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.317
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 609
- सहायक विषय
- भरतजीका अयोध्या लौटना, भरतजीद्वारा पादुकाकी स्थापना, नन्दिग्राममें निवास और श्रीभरतजीके चरित्र-श्रवणकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 609, 609
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