अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तजब छोभु जनि छाड़िअ छोहू। करमु कठिन कछु दोसु न मोहू।।
मूल पाठ
तजब छोभु जनि छाड़िअ छोहू। करमु कठिन कछु दोसु न मोहू।।
सुनि सिय बचन सासु अकुलानी। दसा कवनि बिधि कहौं बखानी।।
स्रोत अभिलेख 2.69 · पुस्तक पृ. 400, 401
भावार्थ
मूल पाठ के बादआप क्षोभका त्याग कर दें, परंतु कृपा न छोडिय़ेगा। कर्मकी गति कठिन है, मुझे भी कुछ दोष नहीं है। सीताजीके वचन सुनकर सास व्याकुल हो गयीं। उनकी दशाको मैं किस प्रकार बखानकर कहूँ!॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 401 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 तजब छोभु जनि छाड़िअ छोहू। करमु कठिन कछु दोसु न मोहू।।
English explanation
Please give up your distress, but do not withdraw your affection for me. My fate is harsh; there is no fault of mine in this.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तजब | छोड़ दीजिए | please give up |
| छोभु | मन का क्षोभ | distress |
| जनि | मत | do not |
| छाड़िअ | छोड़िए | withdraw |
| छोहू | स्नेह | affection |
| करमु | मेरा भाग्य | my fate |
| कठिन | कठोर है | is harsh |
| कछु | कोई भी | any |
| दोसु | दोष | fault |
| न | नहीं | not |
| मोहू | मेरा / मुझमें | of mine / in me |
2 सुनि सिय बचन सासु अकुलानी। दसा कवनि बिधि कहौं बखानी।।
English explanation
Hearing Sita’s words, her mother-in-law became distraught. How can I describe her condition?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | hearing |
| सिय | सीता के | Sita’s |
| बचन | वचन | words |
| सासु | सास कौसल्या | her mother-in-law Kaushalya |
| अकुलानी | व्याकुल हो गईं | became distraught |
| दसा | उनकी दशा | her condition |
| कवनि | किस | what |
| बिधि | प्रकार से | in manner |
| कहौं | मैं कहूँ | can I tell |
| बखानी | वर्णन करके | by describing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.69
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 401
- सहायक विषय
- श्रीराम-कौसल्या-सीता-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 400, 401
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।