अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जौ हठ करहु प्रेम बस बामा। तौ तुम्ह दुखु पाउब परिनामा।।
मूल पाठ
जौ हठ करहु प्रेम बस बामा। तौ तुम्ह दुखु पाउब परिनामा।।
काननु कठिन भयंकरु भारी। घोर घामु हिम बारि बयारी।।
स्रोत अभिलेख 2.62 · पुस्तक पृ. 395, 395
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे वामा! यदि प्रेमवश हठ करोगी, तो तुम परिणाममें दु:ख पाओगी। वन बड़ा कठिन (क्लेशदायक) और भयानक है। वहाँकी धूप, जाड़ा, वर्षा और हवा सभी बड़े भयानक हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 395 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जौ हठ करहु प्रेम बस बामा। तौ तुम्ह दुखु पाउब परिनामा।।
English explanation
Dear lady, if you insist under the sway of love, you will suffer in the end.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौ | यदि | if |
| हठ | हठ; जिद | insistence |
| करहु | करो; करोगी | you make; you persist in |
| प्रेम | प्रेम के | of love |
| बस | वश में | under the sway |
| बामा | हे नारी | O lady |
| तौ | तो | then |
| तुम्ह | तुम | you |
| दुखु | दुःख | suffering |
| पाउब | पाओगी | will experience |
| परिनामा | अंत में; परिणामतः | in the end; as a consequence |
2 काननु कठिन भयंकरु भारी। घोर घामु हिम बारि बयारी।।
English explanation
The forest is very harsh and terrifying, with fierce heat, cold, rain, and winds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| काननु | वन | forest |
| कठिन | कठिन; कष्टदायक | harsh; difficult |
| भयंकरु | भयावह | terrifying |
| भारी | अत्यंत | very; exceedingly |
| घोर | भीषण | fierce; severe |
| घामु | धूप; गर्मी | sun's heat |
| हिम | शीत; पाला | cold; frost |
| बारि | पानी; यहाँ वर्षा | water; here, rain |
| बयारी | हवा | wind |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.62
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 395
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 395, 395
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