अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कुस कंटक मग काँकर नाना। चलब पयादेहिं बिनु पदत्राना।।
मूल पाठ
कुस कंटक मग काँकर नाना। चलब पयादेहिं बिनु पदत्राना।।
चरन कमल मुदु मंजु तुम्हारे। मारग अगम भूमिधर भारे।।
स्रोत अभिलेख 2.62 · पुस्तक पृ. 395, 395
भावार्थ
मूल पाठ के बादरास्तेमें कुश, काँटे और बहुत-से कंकड़ हैं। उनपर बिना जूतेके पैदल ही चलना होगा। तुम्हारे चरण-कमल कोमल और सुन्दर हैं और रास्तेमें बड़े-बड़े दुर्गम पर्वत हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 395 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कुस कंटक मग काँकर नाना। चलब पयादेहिं बिनु पदत्राना।।
English explanation
The path has sharp kusha grass, thorns, and various stones; one must walk on foot without footwear.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कुस | कुश घास | sharp-bladed kusha grass |
| कंटक | काँटे | thorns |
| मग | रास्ते में | on the path |
| काँकर | कंकड़ | stones; pebbles |
| नाना | विभिन्न प्रकार के | of various kinds |
| चलब | चलना होगा | will have to walk |
| पयादेहिं | पैदल ही | on foot |
| बिनु | बिना | without |
| पदत्राना | जूते; पैरों के रक्षक | footwear; protection for the feet |
2 चरन कमल मुदु मंजु तुम्हारे। मारग अगम भूमिधर भारे।।
English explanation
Your lotus-like feet are tender and beautiful, while the path is difficult to traverse and the mountains are massive.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चरन | चरण; पैर | feet |
| कमल | कमल जैसे | lotus-like |
| मुदु | कोमल | tender; soft |
| मंजु | सुंदर; मनोहर | beautiful; lovely |
| तुम्हारे | तुम्हारे | your |
| मारग | मार्ग; रास्ता | path |
| अगम | दुर्गम | difficult to traverse |
| भूमिधर | पर्वत | mountains |
| भारे | विशाल; बड़े | massive; great |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.62
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 395
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 395, 395
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।