अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कंदर खोह नदीं नद नारे। अगम अगाध न जाहिं निहारे।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दपर्वतोंकी गुफाएँ, खोह (दर्रे), नदियाँ, नद और नाले ऐसे अगम्य और गहरे हैं कि उनकी ओर देखातक नहीं जाता। रीछ, बाघ, भेडिय़े, सिंह और हाथी ऐसे [भयानक] शब्द करते हैं कि उन्हें सुनकर धीरज भाग जाता है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 395 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कंदर खोह नदीं नद नारे। अगम अगाध न जाहिं निहारे।।
भालु बाघ बृक केहरि नागा। करहिं नाद सुनि धीरजु भागा।।
स्रोत अभिलेख 2.62 · पुस्तक पृ. 395, 395
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कंदर खोह नदीं नद नारे। अगम अगाध न जाहिं निहारे।।
English explanation
Caverns, hollows, rivers, great river courses, and streams are inaccessible and unfathomably deep—one cannot even bear to look at them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कंदर | कंदराएँ; गुफाएँ | caverns |
| खोह | गहरी खोहें | deep hollows; caves |
| नदीं | नदियाँ | rivers |
| नद | बड़े नदी-प्रवाह | great rivers |
| नारे | नाले; छोटे जलप्रवाह | streams; watercourses |
| अगम | दुर्गम; पहुँच से परे | inaccessible |
| अगाध | अथाह; अत्यंत गहरे | unfathomably deep |
| न | नहीं | not |
| जाहिं | जा सकते | can be |
| निहारे | देखे; निहारे | looked at |
2 भालु बाघ बृक केहरि नागा। करहिं नाद सुनि धीरजु भागा।।
English explanation
Bears, tigers, wolves, lions, and elephants make cries that cause courage to flee on hearing them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भालु | भालू | bears |
| बाघ | बाघ | tigers |
| बृक | भेड़िए | wolves |
| केहरि | सिंह | lions |
| नागा | हाथी | elephants |
| करहिं | करते हैं | make |
| नाद | आवाजें; गर्जन | cries; roars |
| सुनि | सुनकर | on hearing |
| धीरजु | धैर्य; साहस | composure; courage |
| भागा | भाग जाता है | flees |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.62
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 395
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 395, 395
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।